खेलते-खेलते मेन गेट के पास पहुंची मासूम, अचानक उखड़ा लोहे का गेट और चली गई जान

मां बड़ी बेटी को ट्यूशन छोड़ने गई थी, इसी दौरान खेल रही अन्वी गेट के नीचे दब गई; परिवार ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया।
Bureau 19 Jun 2026, 05:26 PM 1 min read
खेलते-खेलते मेन गेट के पास पहुंची मासूम, अचानक उखड़ा लोहे का गेट और चली गई जान

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दर्दनाक हादसे में तीन साल की बच्ची की जान चली गई। पीजीआई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में घर का भारी लोहे का गेट अचानक कुंडे सहित उखड़कर गिर गया। उस समय घर के बाहर खेल रही तीन साल की अन्वी गेट के नीचे दब गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

मोहिद्दीनपुर गांव निवासी सूरज कुमार अपनी पत्नी सीमा और दो बेटियों चार वर्षीय सृष्टि और तीन वर्षीय अन्वी के साथ रहते हैं। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे सीमा बड़ी बेटी सृष्टि को ट्यूशन छोड़ने गई थीं। उधर, सूरज घर में खाना खा रहे थे और छोटी बेटी अन्वी को भी खाना खिला रहे थे। इसी दौरान अन्वी खेलते-खेलते घर के मुख्य गेट के पास पहुंच गई। तभी अचानक लोहे का भारी गेट कुंडे सहित उखड़कर उसके ऊपर गिर गया।

 

अन्वी की चीख सुनकर सूरज और परिवार के अन्य सदस्य बाहर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह गेट हटाकर बच्ची को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

 

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बच्ची के चाचा आशीष ने बताया कि करीब आठ साल पहले सूरज कुमार ने नया मकान बनवाया था। उसी समय एक कुंतल से अधिक वजन वाला लोहे का गेट लगाया गया था। परिजनों का मानना है कि लंबे समय तक लगातार खुलने-बंद होने के कारण गेट के कुंडे और सीमेंट की पकड़ कमजोर हो गई होगी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।

 

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घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा कराया। हालांकि परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। गेट के नीचे दबने से बच्ची के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि इन्हीं चोटों के कारण उसकी मौत हुई। बाद में परिजनों ने गांव में ही बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।

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