>राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया। मंत्री आवास के ठीक बाहर एक मां और उसके बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था से लेकर सत्ता के प्रभाव तक कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
>जानकारी के अनुसार पीड़ित मां-बेटा मथुरा से लखनऊ पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने जहरीला सल्फास खाया, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति “अत्यंत गंभीर” बताई जा रही है।
>पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट मिला है। इसमें मां-बेटे ने आरोप लगाया है कि मंत्री के एक बिजनेस पार्टनर ने उनका घर हड़पने की कोशिश की और लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण वे आत्महत्या के लिए मजबूर हुए उन्हें न्याय नहीं मिलने की वजह से उन्होंने यह कदम उठाया पुलिस अधिकारी के अनुसार वे इस नोट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
>सल्फास मूल रूप से अनाज संरक्षण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, लेकिन इसकी अत्यधिक जहरीली प्रकृति के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में यह आत्महत्या के लिए आसान माध्यम बन चुका है। डॉक्टरों के अनुसार सल्फास शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को तेज़ी से क्षतिग्रस्त कर देता है और समय पर इलाज न मिले तो जीवन बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है सल्फास बाजार में आसानी से उपलब्धता कई हादसों की वजह है यह मामला सल्फास बिक्री और निगरानी पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
>लखनऊ पुलिस ने इस मामले को उच्च प्राथमिकता पर रखा है। पुलिस अधिकारी के अनुसार वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं
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