संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान में लंबे समय से चली आ रही विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। संस्थान में 87 नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई है। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। नई नियुक्तियों से विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों की सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को इलाज के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा।
संस्थान के निदेशक की ओर से भर्ती प्रक्रिया का परिणाम जारी किया गया है। चयनित संकाय सदस्यों में तीन प्रोफेसर, आठ एसोसिएट प्रोफेसर और 76 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं।
संस्थान प्रशासन के अनुसार, डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर सीधी भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। इससे पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, टेलीमेडिसिन एवं डिजिटल हेल्थ, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, एंडोक्राइनोलॉजी, संक्रामक रोग, ट्रॉमा सर्जरी, न्यूक्लियर मेडिसिन और पल्मोनरी मेडिसिन सहित कई विभागों की सेवाएं मजबूत होंगी।
एनेस्थीसियोलॉजी विभाग को सबसे अधिक आठ नए संकाय सदस्य मिले हैं। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी विभाग में छह और रेडियोडायग्नोसिस विभाग में पांच नई नियुक्तियां की गई हैं। कार्डियो वैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में चार-चार संकाय सदस्य नियुक्त किए गए हैं। वहीं कार्डियोलॉजी, इमरजेंसी मेडिसिन, एंडोक्राइन सर्जरी और हेमेटोलॉजी विभाग को तीन-तीन नए विशेषज्ञ मिले हैं।
नई नियुक्तियों के बाद संस्थान में मरीजों को बेहतर और समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। विभिन्न विभागों में विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी विस्तारित होगा।
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