लखनऊ विश्वविद्यालय में सख्ती: कैंपस में धूम्रपान, गुटखा-पान मसाला पर प्रतिबंध

लखनऊ विश्वविद्यालय ने कैंपस में धूम्रपान, पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध लगाया। उल्लंघन पर ₹500 जुर्माना और बार-बार पकड़े जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
Bureau 30 Apr 2026, 10:12 AM 1 min read
लखनऊ विश्वविद्यालय में सख्ती: कैंपस में धूम्रपान, गुटखा-पान मसाला पर प्रतिबंध

लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के सेवन पर सख्ती बढ़ा दी है। जारी कार्यालय-ज्ञाप में कर्मचारियों, अधिकारियों और शिक्षकों द्वारा धूम्रपान, पान मसाला और गुटखा सेवन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए इस पर जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, परिसर में धूम्रपान, पान मसाला, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन कार्यालय की गरिमा और आचरण नियमावली के खिलाफ माना गया है।\

 

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी, अधिकारी या शिक्षक इन पदार्थों का सेवन करते हुए पाया जाता है, तो उस पर ₹500 का जुर्माना लगाया जाएगा आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति तीन बार से अधिक इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कदम को परिसर में अनुशासन बनाए रखने और कार्यस्थल की गरिमा बनाए रखने की दिशा में जरूरी बताया है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?