फर्जी बर्थडे बुकिंग के जाल में फंसा वीडियोग्राफर, साथी ने ही कराई लाखों के कैमरों की लूट

लखनऊ में जन्मदिन समारोह की फर्जी बुकिंग कर बुलाया गया था वीडियोग्राफर, पुलिस ने 24 घंटे में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Bureau 03 Jun 2026, 05:12 PM 1 min read
फर्जी बर्थडे बुकिंग के जाल में फंसा वीडियोग्राफर, साथी ने ही कराई लाखों के कैमरों की लूट

 

राजधानी लखनऊ में एक वीडियोग्राफर को जन्मदिन समारोह की फर्जी बुकिंग के बहाने बुलाकर लाखों रुपये के कैमरे और फोटोग्राफी उपकरण लूटने का मामला सामने आया है। इस घटना का सबसे अहम पहलू यह रहा कि जांच के दौरान पीड़ित का ही सहयोगी पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया।

 

पुलिस के अनुसार, घटना 2 जून 2026 को सामने आई, जब माल थाना क्षेत्र निवासी अशोक यादव ने इटौंजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्हें एक व्यक्ति द्वारा जन्मदिन समारोह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए बुक किया गया था। तय कार्यक्रम के अनुसार वह अपने साथियों के साथ कार से कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे।

 


डीसीपी उत्तरी कृष्णा गोपाल चौधरी

 

शिकायत के मुताबिक, जब उनकी कार ग्राम हीरापुर तिराहा से माल रोड की ओर बढ़ रही थी, तभी मोटरसाइकिल सवार चार लोगों ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने तमंचा दिखाकर उनके पास मौजूद महंगे कैमरे, सात लेंस, मोबाइल फोन, दो फ्लैशलाइट और अन्य फोटोग्राफी उपकरण लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर इटौंजा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त उत्तरी के निर्देश पर सर्विलांस टीम और इटौंजा थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं का सहारा लिया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना में शामिल कुछ संदिग्ध माल रोड से इटौंजा की ओर जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।

 

पुलिस ने मोटरसाइकिल संख्या UP32CL5465 पर सवार दो संदिग्धों को रोककर पूछताछ की। उनकी पहचान राम अनुज मिश्रा और विपिन मिश्रा उर्फ दुर्लभ मिश्रा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों से गहन पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

 

जांच के दौरान पुलिस के सामने जो तथ्य आए, उन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित के साथ काम करने वाला रोहन कुमार शर्मा ही इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता निकला। आरोप है कि रोहन ने ही फर्जी जन्मदिन समारोह की बुकिंग कराई थी। उसने पीड़ित की गतिविधियों, यात्रा मार्ग और उसके पास मौजूद महंगे उपकरणों की जानकारी अपने साथियों तक पहुंचाई। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने लूट की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बाद में रोहन कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए कैमरे, लेंस, मोबाइल फोन, फ्लैशलाइट और अन्य फोटोग्राफी उपकरण बरामद कर लिए। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी सीज कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की पहचान पीड़ित द्वारा की गई है।

 

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • राम अनुज मिश्रा, निवासी गोंडा
  • विपिन मिश्रा उर्फ दुर्लभ मिश्रा, निवासी देवरिया
  • रोहन कुमार शर्मा, मूल निवासी बिहार, वर्तमान पता तालकटोरा, लखनऊ

तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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