सोशल मीडिया पर तमंचा लहराना पड़ा महंगा, विकासनगर पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा आरोपी

लखनऊ के विकासनगर में सोशल मीडिया पर तमंचा लहराने वाला युवक 24 घंटे में गिरफ्तार। पुलिस ने 315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया।
Bureau 28 Feb 2026, 07:49 PM 1 min read
सोशल मीडिया पर तमंचा लहराना पड़ा महंगा, विकासनगर पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा आरोपी

राजधानी के विकासनगर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर तमंचा लहराते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक कारतूस बरामद किया गया है।

 

पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो में एक युवक अवैध तमंचा लहराते दिखाई दे रहा था। वीडियो की जांच और पतारसी के बाद 28 फरवरी 2026 को मोहम्मद वसीक (उम्र लगभग 20 वर्ष) निवासी सेक्टर-2 झोपड़पट्टी, मामा चौराहा के पास, विकासनगर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी का मूल पता कस्बा मल्लावां, जनपद हरदोई बताया गया है।

 

पुलिस के मुताबिक आरोपी की निशानदेही पर वायरल वीडियो में दिख रहा 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ। उसके खिलाफ आयुध अधिनियम 1959 की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियार रखने और उसका प्रदर्शन करने के मामले में आरोपी को नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। विकासनगर थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?