इंदिरा नगर, ब्रह्मपुरी… वही गली, जहाँ कभी रस्तोगी परिवार की दिनचर्या शांतिपूर्वक गुजरती थी। लेकिन 3 मार्च 2025 की रात हुई सौरभ राजपूत की सनसनीखेज हत्या के बाद सबकुछ बदल गया। अब आठ महीने बाद, मुस्कान रस्तोगी के परिवार ने घर छोड़ने और नया जीवन शुरू करने का फैसला लिया है। बुधवार को उनके मकान के बाहर लगा “मकान बिकाऊ है” का बोर्ड इस त्रासदी की नई कहानी बता रहा था।
“अब यहाँ सिर्फ बुरा अतीत बचा है, हम इस शहर को छोड़ रहे हैं।” प्रमोद रस्तोगी, पिता
परिवार का कहना है कि इस घटना ने न सिर्फ उनकी सामाजिक साख छीनी, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें झटका दिया। प्रमोद रस्तोगी की सर्राफा दुकान पर ग्राहकों का आना बंद हो गया। उधार देने वालों ने लेन-देन रोक दिया। यहाँ तक कि मुस्कान की छोटी बहन, जो घर पर ट्यूशन पढ़ाती थी, उसकी आय भी रुक गई क्योंकि अभिभावकों ने बच्चों को भेजना बंद कर दिया।
मामले के अनुसार, मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या कर शव के चार टुकड़े किए और ड्रम में डालकर सीमेंट में दबा दिया। वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश भाग गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि बाद में मुस्कान ने खुद अपने परिवार को इस अपराध की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचा। दोनों को 19 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान गर्भवती है। सौरभ के परिवार ने मांग की है कि बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए।
“यदि बच्चा सौरभ का होगा, तो हम उसे स्वीकार करेंगे, अन्यथा नहीं।” सौरभ के परिजन
इस बीच, जेल सूत्रों ने बताया कि साहिल जेल में कृषि कार्य कर रहा है और उससे केवल नानी और भाई मिलने आते हैं। मुस्कान के परिवार ने उससे सभी संबंध समाप्त कर दिए हैं।
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