>उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल ‘मिशन रोजगार’ के माध्यम से बेरोजगारी को कम करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी, निजी और स्व-रोज़गार के अवसरों को सशक्त बनाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस किया जा रहा है।
>राज्य में वर्ष 2016-17 में लगभग 19% रही बेरोज़गारी दर घटकर वर्तमान में लगभग 2.4% तक पहुंच गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मिशन रोजगार के क्रियान्वयन के दौरान पिछले आठ वर्षों में करीब 7.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं। इनमें पुलिस विभाग में लगभग 1.5 लाख से अधिक नियुक्तियां शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए ‘ई-अधियाचन’ पोर्टल की शुरुआत की गई, जिससे खाली पदों की सूचना जल्द उपलब्ध कराई जा सके।
>निजी निवेश के क्षेत्र में भी तेजी देखी गई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए प्राप्त निवेश परियोजनाओं में से लगभग ₹15 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स लागू हो चुके हैं, जिनसे लगभग 60 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है। राज्य में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां सक्रिय हैं, जो स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार दे रही हैं।
>कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 5 लाख से अधिक को प्लेसमेंट मिला है। इसके साथ ही विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
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