>लोकसभा के शीतकालीन सत्र में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी द्वारा जिहाद का उल्लेख किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बीजेपी नेताओं ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला बताया और माफी की मांग की।
>रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सदन में कहा था कि मुसलमानों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं और उन्हें फिर से जिहाद करना पड़ सकता है। इस बयान पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को सांसद पद पर रहने का अधिकार नहीं है।
>बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने भी बयान की निंदा करते हुए कहा कि देश कानून और संविधान से चलता है और एक सांसद द्वारा जिहाद की बात करना अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा सांप्रदायिक उन्माद फैलाती है तथा सपा को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
>दिनेश शर्मा ने दावा किया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और समन्वय वाला देश है, जहां जिहाद जैसी अवधारणाओं का स्थान नहीं है। बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने मुसलमानों पर अत्याचार के दावे को खारिज किया और कहा कि संविधान के तहत सभी वर्ग सुरक्षित हैं।
>विवाद बढ़ने पर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का संदर्भ अलग था और उन्होंने मीडिया द्वारा किसी वर्ग का मनोबल गिराने को “जिहाद” के रूप में उदाहरण देते हुए बात कही थी।
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