नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन का विरोध किया और इसे पारित नहीं होने दिया। प्रेस वार्ता में सुरेश खन्ना ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक के संशोधन को गिराया जाना महिलाओं के हितों के खिलाफ है। उनके अनुसार, कांग्रेस, सपा और टीएमसी लगातार इस बिल का विरोध करती रही हैं, जिससे महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित भागीदारी नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पहले ही स्पष्ट किया गया था कि सीटों में वृद्धि कर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरेश खन्ना ने कहा कि संविधान में समुदाय के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा उठाकर ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार परिसीमन के खिलाफ नहीं है और पहले भी देश में परिसीमन की प्रक्रिया हो चुकी है।
मंत्री के अनुसार, यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होती। उन्होंने दावा किया कि यह बिल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता था। सुरेश खन्ना ने कहा कि महिला आरक्षण बिल अब तक नौ बार संसद में पेश किया जा चुका है, लेकिन कांग्रेस ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी जब विधेयक पारित नहीं हो पाया, तो संसद में कांग्रेस और सपा के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।
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