पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या के बाद राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मामले में बीजेपी की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
पश्चिम बंगाल में बुधवार रात अज्ञात हमलावरों ने शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ पर उस समय हमला किया जब वह वाहन से जा रहे थे। बाइक सवार बदमाशों ने नजदीक से गोली मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके ड्राइवर की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
शाहजहांपुर पहुंचे सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस हत्या के पीछे भाजपा की रणनीति हो सकती है। उन्होंने कहा, “ये भाजपा की रणनीति होगी क्योंकि ये उनकी पुरानी आदत है। कई जगहों पर वो पकड़े गए हैं। खुद ऐसी घटनाएं करवाकर दूसरे को सामने करते हैं। वो इस तरह के मामलों में माहिर हैं। अब ये जांच का विषय है, तब पता चलेगा कि क्या हुआ है।”
सपा नेता के इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी पहले ही इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोल चुकी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बीजेपी द्वारा टीएमसी कार्यकर्ताओं को “रावण सेना” बताए जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल को रामराज का प्रमाणपत्र देने का अधिकार बीजेपी को किसने दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था और सामाजिक हिंसा के मुद्दों पर बीजेपी सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि सीतापुर, हाथरस, सोनभद्र और महोबा जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या यही रामराज है। महोबा की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ी जाति के एक युवक को घोड़ी पर चढ़ने पर पीटा गया और बाद में उसकी मौत हो गई। सपा नेता ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में हाल के वर्षों में राजनीतिक हिंसा लगातार बड़ा मुद्दा रही है। विधानसभा चुनावों के बाद भी राज्य में कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। शुभेंदु अधिकारी भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी टीम पर हुए इस हमले ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।
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