सेक्टर-39 स्थित नोएडा जिला अस्पताल में रिश्वत लेने के आरोपों में कार्रवाई का सामना कर चुकी एक महिला कर्मी को दोबारा नौकरी पर रखने के बाद फिर से हटा दिया गया है। महिला कर्मी की पुनर्नियुक्ति पर सवाल उठने के बाद सीएमएस ने री-ज्वाइनिंग पत्र वापस ले लिया है। अस्पताल प्रशासन ने आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच कराने की बात भी कही है।
अगस्त 2025 में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के बदले तीन हजार रुपये रिश्वत मांगने का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया और सीएमओ को जांच समिति बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जांच के बाद सीएमओ कार्यालय के अधीन संविदा पर कार्यरत एक महिला कर्मी को नौकरी से हटा दिया गया था।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जिला अस्पताल में कार्यरत दूसरी महिला कर्मी के मामले में जांच पूरी नहीं हो सकी थी। आरोप है कि विवाद के बाद महिला कर्मी अस्पताल आना बंद कर चुकी थी। इसके बाद आठ जून को महिला कर्मी को दोबारा अस्पताल में ज्वाइन करा लिया गया। हालांकि, इस दौरान जांच पूरी नहीं हुई थी।
बिना जांच पूरी किए महिला कर्मी की दोबारा नियुक्ति किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मामला चर्चा में आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने री-ज्वाइनिंग से संबंधित पत्र वापस ले लिया।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि महिला कर्मी ने खुद को छुट्टी पर होने की बात कही थी। इसी आधार पर उसका री-ज्वाइनिंग पत्र स्वीकार किया गया था, लेकिन बाद में उसे वापस कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
डॉ. अशोक कुमार ने कहा, "महिला स्टाफ की जांच की गई जिसमें उससे पूर्व में ही इस्तीफा ले लिया गया था। इसके बाद भी महिला कर्मी ड्यूटी ज्वाइन करने आई थी। इससे तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है।"
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