>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन–2025 के समापन सत्र में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस एवं इंटेलिजेंस तंत्र को अहम निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया, साइबर अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, गो-तस्करी और संगठित धर्मांतरण गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया।
>मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को निरंतर सतर्क रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था, जातीय या धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई की जाए। जाति या धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने, पुलिस पर दबाव बनाने अथवा अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
>मुख्यमंत्री ने धार्मिक उन्माद और जातीय विद्वेष फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए संगठन बनाकर समाज में तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए।
>धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की घटनाएं इस ओर संकेत करती हैं कि ऐसे प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। पुलिस और इंटेलिजेंस को निर्देश दिए गए कि धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए और प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ‘अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मांतरण रैकेट’ पर रोक के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल और तकनीकी विश्लेषण के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया गया।
>मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से उत्पन्न आतंकवादी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए सीमा सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक तंत्र को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।
>गो-तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क और उसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने की रणनीति अपनाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
>पुलिस मंथन कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस, भीड़ प्रबंधन, खुफिया तंत्र, सोशल मीडिया व एनजीओ से जुड़ी चुनौतियां, नेपाल सीमा, आतंकवाद-रोधी अभियान, मादक पदार्थों की तस्करी, गो-तस्करी और अन्य संगठित अपराधों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया।
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