लखनऊ: प्रतापगढ़ के हरिहरपुर सिंधौर में संविदाकर्मी की हत्या के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने इस हत्याकांड को लेकर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने सपा के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया।
इस कार्रवाई के दौरान सपा सांसद एसपी पटेल समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। सांसद एसपी पटेल के गोमती नगर स्थित आवास के बाहर पुलिस की तैनाती की गई। सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा था।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की ओर से 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को प्रतापगढ़ भेजे जाने की तैयारी थी। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य हरिहरपुर सिंधौर में हुई संविदाकर्मी की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करना था। हालांकि, पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद सपा सांसद एसपी पटेल समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई। इस दौरान लखनऊ स्थित सांसद के आवास के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने के कारण सपा नेताओं की पीड़ित परिवार से प्रस्तावित मुलाकात नहीं हो सकी।
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मामले में सपा सांसद एसपी पटेल का नाम प्रमुखता से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उन्हें उनके गोमती नगर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। आवास के बाहर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही। पुलिस की इस कार्रवाई के बीच सपा से जुड़े अन्य नेताओं पर भी सख्ती किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सभी नेताओं को किस स्थान पर और कितनी अवधि के लिए रोका गया।
सपा प्रतिनिधिमंडल के प्रतापगढ़ जाने की वजह संविदाकर्मी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मुलाकात बताई गई है। सपा नेताओं ने इस हत्याकांड को लेकर सवाल उठाए हैं और मामले में पीड़ित पक्ष से मिलने की कोशिश की। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इस तरह प्रस्तावित मुलाकात पुलिस कार्रवाई के कारण नहीं हो सकी।
यह मामला प्रतापगढ़ के हरिहरपुर सिंधौर से जुड़ा है, जहां एक संविदाकर्मी की हत्या हुई थी। घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने हत्याकांड को लेकर सवाल उठाए और पीड़ित परिवार से मिलने का निर्णय लिया। इसी क्रम में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रतापगढ़ जाने वाला था। लेकिन लखनऊ में ही प्रतिनिधिमंडल को रोक दिए जाने और कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सपा नेताओं ने प्रतापगढ़ के हरिहरपुर सिंधौर में हुई हत्या को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार से मुलाकात की पहल इसी पृष्ठभूमि में की गई। प्रतिनिधिमंडल के रोके जाने के बाद सपा नेताओं की गतिविधियां लखनऊ तक सीमित हो गईं। सांसद एसपी पटेल के आवास के बाहर पुलिस तैनाती इसी कार्रवाई का हिस्सा रही।
प्रतापगढ़ में हुई संविदाकर्मी की हत्या के बाद सपा नेताओं के पीड़ित परिवार से संपर्क की कोशिश और उसके बाद पुलिस द्वारा प्रतिनिधिमंडल को रोकने की कार्रवाई ने मामले में राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। एक ओर सपा नेता हत्याकांड को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया गया। इस घटनाक्रम के कारण हत्याकांड से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियां लखनऊ तक पहुंच गईं।
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