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‘मैं खान हूं लेकिन...’, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत के बाद नाजिया खान ने क्या कहा

मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेता नाजिया खान ने पुलिस में शिकायत की और उनके मंच पर दिखाई गई तस्वीरों पर सवाल उठाए।
Bureau
Bureau News Desk
28 Aug 2026
01:13 PM
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‘मैं खान हूं लेकिन...’, राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत के बाद नाजिया खान ने क्या कहा
सोर्स - ANI
हाइलाइट्स
भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया खान ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की।
शिकायत मनुस्मृति और पितृसत्तावाद को लेकर राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में की गई।
नाजिया खान ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री, योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत की तस्वीरों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि वह ‘खान’ हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने पर गर्व महसूस करती हैं।

मनुस्मृति और पितृसत्तावाद को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद राजनीतिक विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट की वकील और भारतीय जनता पार्टी की नेता नाजिया खान ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। नाजिया खान ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए मनुस्मृति के संदर्भ में उनके द्वारा कही गई बातों और मंच की पृष्ठभूमि में दिखाई गई तस्वीरों को लेकर सवाल उठाए।

नाजिया खान ने इस दौरान कहा कि वह ‘खान’ हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम’ गाते हुए उन्हें गर्व महसूस होता है। उन्होंने अपने बयान में कलमा और शहादा का पाठ करने का भी उल्लेख किया। मनुस्मृति को लेकर उन्होंने कहा कि इसके एक अध्याय और शब्दों को अलग करके गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई है।

मनुस्मृति को लेकर जारी विवाद के बीच नाजिया खान ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है, लेकिन राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान मंच की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें दिखाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया।

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नाजिया खान ने कहा, "मैं कलमा और शहादा, दोनों का पाठ करती हूं. जब मैं 'वंदे मातरम' गाती हूं, तो मुझे खुद पर बहुत गर्व महसूस होता है."

उन्होंने आगे कहा, "भले ही मैं एक खान हूं... लेकिन मनुस्मृति को जिस तरह से बदनाम किया गया है, उसका सिर्फ एक अध्याय चुनकर और शब्दों को तोड़-मरोड़कर गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई है, मैं मानती हूं कि यह गलत है."

नाजिया खान ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने मोहन भागवत की तस्वीर दिखाए जाने का भी जिक्र किया।

नाजिया खान ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के संदर्भ में भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने कभी लोगों से मनुस्मृति पढ़ने या उसका पालन करने के लिए कहा है।

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उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या मोहन भागवत ने कभी यह कहा कि लोगों को मनुस्मृति के अनुसार ही चलना होगा। नाजिया खान ने कहा कि यदि ऐसा नहीं कहा गया है तो फिर कार्यक्रम में इनसे जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल क्यों किया गया।

नाजिया खान के मुताबिक, राहुल गांधी को इन सवालों का जवाब देना होगा। उनके बयान में मनुस्मृति को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के साथ-साथ कार्यक्रम में दिखाई गई तस्वीरों का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया।

नाजिया खान ने अपनी पहचान और सांस्कृतिक जुड़ाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह ‘खान’ जरूर हैं, लेकिन अपने संस्कार और संस्कृति से ‘प्योर हिंदू’ हैं।

उन्होंने भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, "भीमराव अंबेडकर ने संविधान के पहले पन्ने पर भगवान राम का चित्र बनाया था."

इसके बाद नाजिया खान ने राहुल गांधी के उन बयानों और रुख पर सवाल उठाया, जिन्हें वह भारत माता की जय, मातृशक्ति के सम्मान और वंदे मातरम से जोड़ रही थीं।

उन्होंने कहा, "वो राहुल गांधी जो भारत माता की जय नहीं बोल पाते, अपनी मातृशक्ति का सम्मान नहीं कर पाते, जो वंदे मातरम पर आक्रोश दिखाते हैं, वो बता रहे हैं कि पितृसत्तावाद क्या होता है?"

नाजिया खान का यह बयान उस राजनीतिक बहस के संदर्भ में आया है जिसमें राहुल गांधी के मनुस्मृति और पितृसत्तावाद से जुड़े बयान को लेकर विरोध दर्ज कराया गया है।

नाजिया खान ने अपने बयान में एक छात्रा का भी उल्लेख किया, जो राहुल गांधी के सामने मंच पर हिजाब पहने पहुंची थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय राहुल गांधी ने छात्रा के पहनावे को लेकर कोई सवाल क्यों नहीं किया।

नाजिया खान ने कहा, "राहुल गांधी के सामने स्टेज पर जब एक छात्रा हिजाब पहनकर आई थी, तो राहुल गांधी ने उससे नहीं कहा कि यह काला टेंट क्यों पहना है?"

उन्होंने हिजाब को पितृसत्ता से जोड़ते हुए भी टिप्पणी की। नाजिया खान ने कहा कि यदि पितृसत्तावाद की बात की जा रही है तो इस तरह के पहनावे पर भी सवाल किया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, "वह काला टेंट ही तो सबसे बड़ी पेट्रियार्की है."

इसके बाद नाजिया खान ने हिजाब को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि छात्रा की सफलता को रोकने के लिए उसे इस तरह पहनाया गया है। यह टिप्पणी भी उनके राहुल गांधी के पितृसत्तावाद संबंधी बयान पर उठाए गए सवालों का हिस्सा थी।

मौजूदा विवाद राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति और पितृसत्तावाद को लेकर दिए गए बयान से जुड़ा है। नाजिया खान ने इसी संदर्भ में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उनके बयान पर आपत्ति जताई।

नाजिया खान ने विशेष रूप से मनुस्मृति के एक अध्याय और उसमें इस्तेमाल किए गए शब्दों के आधार पर धारणा बनाने पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि पूरे संदर्भ के बजाय एक अध्याय और कुछ शब्दों को अलग करके प्रस्तुत करने से गलत धारणा बन सकती है।

उनकी शिकायत और बयान के बाद विवाद का एक पक्ष राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी कथन पर आपत्ति और दूसरा पक्ष उनके कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में दिखाई गई तस्वीरों को लेकर उठाए गए सवालों से जुड़ा है।

नाजिया खान ने राहुल गांधी के कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत की तस्वीरों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लोगों से मनुस्मृति पढ़ने या उसका पालन करने के लिए नहीं कहा है तो उनकी तस्वीरों को इस संदर्भ में क्यों दिखाया गया।

उन्होंने इसे राहुल गांधी से जवाब मांगने का आधार बताया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पुलिस शिकायत पर संबंधित पुलिस प्राधिकरण की ओर से कोई प्रतिक्रिया या आगे की कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से नाजिया खान की शिकायत और उनके द्वारा लगाए गए सवालों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए इस खबर में नाजिया खान की ओर से दिए गए बयानों को उनके पक्ष के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।

राहुल गांधी के मनुस्मृति और पितृसत्तावाद से संबंधित बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। इसी क्रम में नाजिया खान ने राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की जानकारी दी।

नाजिया खान ने अपने बयान में मनुस्मृति, वंदे मातरम, भारत माता की जय, मातृशक्ति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों के साथ-साथ मोहन भागवत की तस्वीर का भी उल्लेख किया।

उन्होंने अपने धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भों का जिक्र करते हुए कहा कि वह कलमा और शहादा का पाठ करती हैं और वंदे मातरम गाने पर गर्व महसूस करती हैं। साथ ही उन्होंने स्वयं को अपने संस्कार और संस्कृति से ‘प्योर हिंदू’ बताया।

उनके बयान में राहुल गांधी के सामने मंच पर हिजाब पहने पहुंची छात्रा का मुद्दा भी शामिल रहा। नाजिया खान ने इसे पितृसत्तावाद से जोड़ते हुए राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाया।

पुलिस में शिकायत की जानकारी देने के साथ नाजिया खान ने अपने बयान में राहुल गांधी से कई सवाल किए। इनमें मनुस्मृति को लेकर भाजपा सरकार और मोहन भागवत की भूमिका, कार्यक्रम में नेताओं की तस्वीरों के इस्तेमाल और पितृसत्तावाद के मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को जिस तरह प्रस्तुत किया गया, उस पर सवाल उठाया जाना जरूरी है।

नाजिया खान ने यह भी कहा कि वह ‘खान’ होने के बावजूद वंदे मातरम गाने पर गर्व महसूस करती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी के भारत माता की जय और वंदे मातरम से जुड़े रुख पर भी टिप्पणी की।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में नाजिया खान की शिकायत और उनके सार्वजनिक बयान सामने आए हैं। शिकायत पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई या राहुल गांधी की ओर से प्रतिक्रिया की जानकारी इस सामग्री में नहीं दी गई है।

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