महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर ओबीसी की भागीदारी कम करने का प्रयास कर रही है।
बुधवार को जारी एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो मौजूदा कानून को लागू किया जा सकता है और परिसीमन नई जनगणना के आधार पर होना चाहिए।
Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 15, 2026
What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using… pic.twitter.com/FFI2LwHBk4
राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर फैसले लेना चाहती है, जिसमें ओबीसी आबादी का स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उनके अनुसार, इससे पिछड़े वर्गों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना के आंकड़े सामने आने के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं और इसी कारण इस मुद्दे पर विवाद बढ़ रहा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि 2026 में प्रस्तावित नई जनगणना के आधार पर ही परिसीमन किया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन जारी रखेगी, लेकिन OBC, दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें