रक्षाबंधन पर सीएम योगी ने निभाया ‘सुरक्षा-स्नेह’ का वचन

News Desk 07 Aug 2025, 04:57 AM 1 min read
रक्षाबंधन पर सीएम योगी ने निभाया ‘सुरक्षा-स्नेह’ का वचन


>रक्षाबंधन सिर्फ एक धागा नहीं, एक वचन है—सुरक्षा, सम्मान और स्नेह का। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस वचन को पिछले आठ वर्षों से हर रक्षाबंधन पर निभाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 2017 से 2024 तक रक्षाबंधन के अवसर पर 1.23 करोड़ से अधिक माताओं और बहनों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई, जिससे सरकार ने ₹101.42 करोड़ से अधिक का खर्च वहन किया।


>इस योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी, जब मुख्यमंत्री योगी ने सत्ता संभालते ही रक्षाबंधन को विशेष बनाने का निर्णय लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य था — हर महिला को अपने भाई के पास पहुंचने का हक़, बिना किसी आर्थिक बाधा के। यूपी की रोडवेज बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा देने की यह पहल नारी सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है।


>इस योजना से लाभान्वित महिलाओं की संख्या हर वर्ष बढ़ती गई। 2023 में रिकॉर्ड 29 लाख बहनों ने इस सेवा का लाभ उठाया। 2024 में भी लगभग 20 लाख महिलाओं ने योगी सरकार की इस अनूठी सेवा को सराहा।

वर्ष

महिलाओं को लाभ

टिकट लागत

2024

19,78,403

₹19.87 करोड़

2023

29,29,755

₹27.66 करोड़

2022

22,32,322

₹18.98 करोड़

2021

9,63,466

₹8.91 करोड़

2020

7,36,605

₹4.82 करोड़

2019

12,04,085

₹7.68 करोड़

2018

11,69,226

₹7.41 करोड़

2017

11,16,332

₹6.08 करोड़


>योगी सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि एक सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन चुकी है। खासकर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाएं इसे “सम्मान का तोहफा” मानती हैं। इससे उन्हें जहां आर्थिक राहत मिली, वहीं स्वतंत्र यात्रा का आत्मविश्वास भी बढ़ा।

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