>रक्षाबंधन की मिठास कहीं कड़वाहट में न बदल जाए, इसके लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने सख्त रुख अपनाया है। त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर नकेल कसते हुए FSDA की 7 टीमों ने राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न इलाकों में छापेमारी की और 53 खाद्य सामग्री के नमूने परीक्षण के लिए भेजे।
>त्योहारों के मौसम में बाजार में मिठाइयों, खाद्य तेलों, मसालों और डेयरी उत्पादों की मांग चरम पर होती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी घटिया व मिलावटी सामान खपाने की कोशिश करते हैं। इसी आशंका को लेकर प्रशासन ने इस बार पहले से ही अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। FSDA के सहायक आयुक्त विजय सिंह के नेतृत्व में बनी 7 टीमों ने मंगलवार से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान छेड़ दिया। अभियान के दौरान पनीर, खोया, मिठाइयाँ, खाद्य तेल, चाय पत्ती, हल्दी व अन्य मसालों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
>कुछ महीने पहले लखनऊ में भारी मात्रा में मिलावटी चाय पत्ती पकड़ी गई थी, जिसमें जहरीले रंगों के अलावा पत्थर का बुरादा मिला हुआ था। वहीं हल्दी में कृत्रिम रंग, और पनीर में फैट-फ्री रासायनिक मिलावट के कई मामले सामने आए थे। यही कारण है कि इस बार FSDA कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता। FSDA ने विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले मिलावटी पनीर और नेपाल सीमा से सप्लाई हो रहे एक्सपायरी खाद्य तेल पर नजर रखी है। जानकारी के अनुसार, नेपाल से सस्ते दरों पर एक्सपायरी तेल उठाकर, उसे नए ब्रांड रैपर्स में पैक करके बाजार में खपाया जा रहा है। मोहनलालगंज में हाल ही में एक फैक्ट्री का खुलासा हुआ था, जहां विभिन्न कंपनियों के नाम पर एक्सपायरी खाद्य तेल को रीपैकेज कर बेचा जा रहा था।
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