>राजभवन लखनऊ में मंगलवार को राज्यपाल एवं रामपुर रज़ा लाइब्रेरी की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लाइब्रेरी की 53वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में संस्थान के संरक्षण, प्रशासन, डिजिटलीकरण, शोध कार्य और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की गई।
>बैठक में राज्यपाल ने कहा कि रामपुर रज़ा लाइब्रेरी भारत की मूल्यवान सांस्कृतिक धरोहर है और इसकी दुर्लभ पांडुलिपियों तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों के वैज्ञानिक संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने डिजिटलीकरण कार्य की गति बढ़ाने तथा महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
>उन्होंने शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं में सुधार, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने तथा लाइब्रेरी को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक शोध केंद्र के रूप में विकसित किए जाने पर बल दिया।
>राज्यपाल ने ‘पढ़े रामपुर–बढ़े रामपुर’ कार्यक्रम आयोजित करने, विद्यालयों में प्रेरक साहित्य पढ़ने की परंपरा स्थापित करने और शिक्षकों को नियमित पठन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाइब्रेरी को INFLIBNET नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बैठक में यश अवस्थी और उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा एआई आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसकी राज्यपाल ने सराहना की।
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