नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के सागरपुर इलाके में सुंदरकांड पाठ के दौरान हुए विवाद और पुलिस टीम पर कथित पथराव की घटना की जांच तेज कर दी गई है। दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका तय कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े वीडियो की फ्रेम-दर-फ्रेम जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाएगी। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि पथराव में कौन-कौन शामिल था और घटना के दौरान किसकी क्या भूमिका रही।
जांच एजेंसियां आसपास के सीसीटीवी कैमरों से मिले फुटेज और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो का मिलान कर रही हैं, ताकि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, 30 जून को पूर्वी सागरपुर की गली नंबर-8 स्थित डीडीए पार्क में हुई मारपीट की घटना के संबंध में सागरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 126(2) (किसी व्यक्ति की आवाजाही में अवैध बाधा उत्पन्न करना) तथा धारा 3(5) (समान उद्देश्य से मिलकर अपराध करने वाले व्यक्तियों की समान जवाबदेही) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम पूर्वी सागरपुर की गली नंबर-8 स्थित डीडीए पार्क में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की ओर से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया था।
बताया गया कि यह आयोजन मुहर्रम के एक जुलूस में कथित रूप से पाकिस्तानी झंडा लहराने और उस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर किया गया था। कार्यक्रम शुरू होने के दौरान पास की झुग्गी बस्ती के कुछ लोग वहां पहुंचे और इसका विरोध करने लगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में तनावपूर्ण स्थिति में बदल गई।
पुलिस के अनुसार विवाद बढ़ने के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से आसपास की इमारतों और मकानों की छतों से ईंट-पत्थर फेंके गए। आरोप है कि पथराव सुंदरकांड में शामिल लोगों के साथ-साथ मौके पर स्थिति नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर भी किया गया। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पुलिस इन्हें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए प्रत्येक वीडियो की विस्तार से जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना केवल तत्काल विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कानून व्यवस्था प्रभावित करने अथवा धार्मिक तनाव फैलाने की कोई पूर्व नियोजित साजिश थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य प्रमाणों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
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