>उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव की एक और तस्वीर सामने आई है, जहाँ कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर के एडीएम ई के अभद्र और असंवेदनशील व्यवहार को लेकर न सिर्फ अपनी नाराजगी जताई, बल्कि सरकार से कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।
>इस पूरे मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुलकर इकरा हसन का समर्थन किया और अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जो सांसद का सम्मान नहीं करते, वे जनता की इज्जत क्या करेंगे?"
>'जो कुर्सी से ताक़त का नशा कर बैठे…'
>अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद इकरा हसन ने तीखा और मार्मिक संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा:
>"जो कुर्सी से ताक़त का नशा कर बैठे, औरों की इज़्ज़त को धूल समझ बैठे...
वो भूल गए हैं ये हिन्दुस्तान है, यहाँ नारी नहीं, खुद संविधान है!"
>क्या है पूरा मामला?
>घटना 1 जुलाई की बताई जा रही है। सांसद इकरा हसन के मुताबिक, उन्हें छुटमलपुर नगर पंचायत की महिला चेयरपर्सन ने संपर्क किया और अपनी समस्या बताई। जब चेयरपर्सन एडीएम ई से मिलने पहुंची, तो अधिकारी लंच पर गए थे। बाद में जब वे कार्यालय लौटे, तो सांसद ने उनके सामने मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन इकरा हसन के अनुसार, एडीएम ने न केवल महिला जनप्रतिनिधि से अभद्रता की बल्कि सांसद के कहने पर भी असम्मानजनक रवैया अपनाया।
>सांसद की शिकायत और मांग
>सांसद इकरा हसन ने इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत प्रशासन को सौंपी है और कहा कि ऐसे अधिकारियों को दोबारा ट्रेनिंग देने की ज़रूरत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और विशेषकर महिलाओं से व्यवहार करने की भाषा और शिष्टाचार सिखाया जाना चाहिए।”
>सांसद का यह भी कहना है कि यह केवल उनके अपमान का मामला नहीं है, बल्कि एक महिला जनप्रतिनिधि के सम्मान की बात है, जिसे हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए।
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