उत्तर प्रदेश सरकार ‘हर खेत को जल’ के लक्ष्य के तहत प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरयू नहर परियोजना का विस्तार कर रही है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुसार इस राष्ट्रीय परियोजना के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुल 14.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक परियोजना के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में कुल 9000 कुलाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से लगभग 7345 कुलाबों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 1655 कुलाबों का निर्माण वर्ष 2026-27 में पूरा किया जा रहा है। इन कुलाबों के निर्माण से करीब 66,200 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों में लाभ मिलने की संभावना है।
इसके साथ ही नहरों में मौजूद 14 गैप्स के कारण कई क्षेत्रों में सिंचाई प्रभावित हो रही थी। विभाग के अनुसार इन सभी गैप्स को भरने के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्य पूरा होने पर लगभग 27,863 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा।
कम जल उपलब्धता वाले क्षेत्रों में सिंचाई बढ़ाने के लिए प्रेशर सिंचाई परियोजना का भी चरणबद्ध विकास किया जा रहा है। यह परियोजना जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से अप्रैल 2025 से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से लगभग 1.31 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अनुसार कुलाबों के निर्माण और नहर गैप्स को भरने से लगभग 0.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि शेष क्षेत्र को प्रेशर सिंचाई परियोजना के माध्यम से कवर किया जाएगा। परियोजना के विस्तार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिंचाई कमांड एरिया बढ़ने के साथ किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
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