>बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लखनऊ जिला प्रशासन ने स्कूली वाहनों पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय परिवहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी विशाख जी0 ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 साल से पुराने 176 स्कूली वाहनों को हटाया जाए और उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाए।
बिना परमिट और फिटनेस वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज
>जिलाधिकारी ने साफ किया कि बिना फिटनेस व परमिट के चलने वाले वाहनों पर अब प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में ऐसे ही 13 वाहन सीज किए गए हैं और 68 वाहनों के चालान किए गए हैं। सभी स्कूलों को 10 दिन के भीतर वाहनों की रिन्यूअल प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
‘मिशन भरोसा’ पोर्टल से ट्रैक होंगे वाहन और चालक
>बैठक में मिशन भरोसा के प्रतिनिधि ने बताया कि पोर्टल पर 5184 वाहन, 355 स्कूल और 2465 चालक ऑनबोर्ड हो चुके हैं। सभी चालकों का चरित्र सत्यापन कर आई-कार्ड जारी किया गया है। जिन चालकों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है।
प्राइवेट ट्रांसपोर्ट से आने वाले बच्चों पर भी नजर
>जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूलों द्वारा उन विद्यार्थियों की भी जानकारी ली जाए, जो प्राइवेट साधनों (ऑटो, ई-रिक्शा, टेम्पो) से आते हैं। उनके वाहन नंबर, चालक का नाम और मोबाइल नंबर रिकॉर्ड कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए।
मानकों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं
>जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि कोई भी स्कूल बिना फिटनेस, परमिट या सुरक्षा उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर के बिना वाहन संचालित न करे। मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित
>बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) श्री प्रदीप कुमार सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन) श्री राजीव कुमार बंसल, यात्रीकर अधिकारी श्री सूर्यप्रताप देव, जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस विभाग, व जनपद के सभी प्रमुख विद्यालयों के परिवहन प्रभारी उपस्थित रहे।
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