>भारत में तेजी से बढ़ रहे फैटी लिवर रोग और मोटापे के मामलों के बीच एसजीपीजीआईएमएस के हेपेटोलॉजी विभाग ने गुरुवार को एडवांस्ड डायबिटिक सेंटर की तीसरी मंजिल पर इन रोगों के व्यापक प्रबंधन हेतु एक समर्पित क्लिनिक का उद्घाटन किया।
>राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षणों के अनुसार, देश में लगभग 30–35% वयस्क फैटी लिवर रोग से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि 25% लोग मोटापे या अधिक वजन से ग्रस्त हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, मधुमेह और वसायुक्त यकृत रोग एक-दूसरे से जुड़े हैं और समय पर जांच तथा हस्तक्षेप से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। क्लिनिक का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. आर. के. धीमन ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता, हेपेटोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमित गोयल तथा एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के प्रो. सुभाष यादव की उपस्थिति में किया।
>उद्घाटन कार्यक्रम में प्रो. धीमन ने फैटी लिवर और मोटापे के बढ़ते बोझ को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। डॉ. गुप्ता ने समय पर निदान और शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया। प्रो. यादव ने वजन प्रबंधन और मेटाबॉलिक नियंत्रण को लिवर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। प्रो. गोयल ने बताया कि नए क्लिनिक में बायोइम्पीडेंस विश्लेषण, फाइब्रोस्कैन, आहार व जीवनशैली परामर्श, दवा प्रबंधन तथा आवश्यक होने पर एंडोस्कोपिक और सर्जिकल उपचार उपलब्ध होंगे। यह विशेष ओपीडी प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।
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