अम्बेडकरनगर। त्रेता युग से जुड़ी धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र श्रवण धाम को जल्द ही नई पहचान मिलने जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने और धार्मिक स्थल को अधिक आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से यहां 73 लाख रुपये की लागत से भव्य मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। परियोजना को शासन से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था को पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। अब निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार यह परियोजना पर्यटन मंत्री के अनुमोदन पर विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय के प्रस्ताव के तहत स्वीकृत की गई है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीएनडीएस अयोध्या इकाई को सौंपी गई है।
श्रवण धाम धार्मिक और पर्यटन दोनों दृष्टि से अम्बेडकरनगर जिले का प्रमुख केंद्र माना जाता है। वर्षभर यहां श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। पिछले कुछ वर्षों में धाम में कराए गए विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेष रूप से सावन माह, सोमवार तथा अन्य प्रमुख धार्मिक पर्वों पर हजारों श्रद्धालु दर्शन, स्नान और पूजा-अर्चना के लिए श्रवण धाम पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ और सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए लंबे समय से भव्य मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण की मांग महसूस की जा रही थी।
नई परियोजना के तहत बनने वाला मुख्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा। इसके साथ ही धाम की धार्मिक पहचान को भी नया स्वरूप मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि प्रवेश द्वार बनने के बाद परिसर की दृश्यात्मक आकर्षण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। शासन से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभाग को निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन कार्यदायी संस्था ने इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परियोजना के लिए 50 लाख रुपये की पहली किस्त पहले ही जारी की जा चुकी है, जिससे प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के अनुसार निर्माण स्थल का चयन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसी सप्ताह भूमि पूजन के बाद प्रवेश द्वार के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
श्रवण धाम को त्रेता युग से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष महत्व प्राप्त है। यही वजह है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में धाम में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कई विकास कार्य कराए गए हैं। अब भव्य प्रवेश द्वार बनने से परिसर की पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें