अम्बेडकरनगर, सोमवार। अम्बेडकरनगर के जलालपुर-नगपुर क्षेत्र में प्रसव के बाद एक 28 वर्षीय प्रसूता की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने के बाद नाराज परिजन शव को एंबुलेंस से लेकर केएनएसएम अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां अस्पताल के सामने शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलने पर जलालपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाया और शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कराने तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत कराया गया। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद नगपुर निवासी अंजलि विश्वकर्मा (28) पत्नी राकेश विश्वकर्मा गर्भवती थीं। परिजनों के अनुसार अंजलि का उपचार जलालपुर-नगपुर स्थित केएनएसएम हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में चल रहा था।
परिजनों के मुताबिक, 30 अगस्त को प्रसव के लिए अंजलि को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन के बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद शुरुआती अवधि में उपचार अस्पताल में ही चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के करीब तीन दिन बाद अस्पताल में पानी पिलाए जाने के बाद अचानक अंजलि की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल की ओर से उन्हें अकबरपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया।
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परिजनों के अनुसार, अंजलि को गंभीर हालत में अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका कई दिनों तक उपचार चला। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सोमवार को उपचार के दौरान अंजलि की मौत हो गई। मौत की खबर मिलने के बाद परिजनों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद वे शव को एंबुलेंस से लेकर उस अस्पताल पहुंचे, जहां प्रसव के लिए अंजलि को भर्ती कराया गया था।
अंजलि की मौत के बाद परिजन शव लेकर केएनएसएम अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रख दिया और जाम लगाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना मिलने पर जलालपुर कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का भरोसा दिया। पुलिस के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई।
जलालपुर कोतवाली के कोतवाल अजय प्रताप सिंह यादव ने बताया कि प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों की ओर से शिकायत मिलने पर अस्पताल में हुए उपचार, रेफर किए जाने और अन्य संबंधित बिंदुओं की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, मामले में शिकायत मिलने के बाद उपचार से संबंधित परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच की जाएगी।
प्रसूता की मौत के बाद परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले में पुलिस की जांच के बाद ही उपचार और प्रसूता की हालत बिगड़ने से जुड़े घटनाक्रम के संबंध में तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
अंजलि के परिजनों ने प्रसूता की मौत के लिए अस्पताल में हुए उपचार को लेकर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रसव के बाद अंजलि की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया, जहां कई दिनों तक उपचार के बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराने की बात कही है।
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