मुजफ्फरनगर के खतौली ग्रामीण क्षेत्र में बिना वैध पंजीकरण संचालित किए जा रहे चिकित्सा संस्थानों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया। सोमवार को पीपलहेड़ा, गालिबपुर और अंती गांव में की गई जांच के दौरान तीन संस्थानों के पास वैध पंजीकरण और संचालकों की शैक्षिक योग्यता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उपाध्याय क्लिनिक, माधव लैब और कल्याण आयुर्वेदिक सेंटर को नोटिस जारी किए।
जांच अभियान जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर चलाया गया। ब्लॉक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों गांवों में विभिन्न क्लीनिकों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम खतौली ग्रामीण क्षेत्र के पीपलहेड़ा, गालिबपुर और अंती गांव पहुंची। टीम ने इन क्षेत्रों में संचालित विभिन्न क्लीनिकों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में जाकर वहां उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने संस्थान संचालकों से चिकित्सा संस्थान के संचालन से संबंधित जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। इसमें संस्थान का वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र और वहां इलाज या जांच का काम करने वाले लोगों की शैक्षिक योग्यता से संबंधित अभिलेख शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के समय संबंधित तीन संस्थानों में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। अधिकारियों ने संचालकों से दस्तावेज प्रस्तुत करने और स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में संस्थानों के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच को प्रमुखता दी गई। टीम ने संचालकों से वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र दिखाने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाएं देने वाले व्यक्तियों की शैक्षिक योग्यता से जुड़े अभिलेख भी मांगे। विभाग के मुताबिक जांच के दौरान न तो वैध पंजीकरण के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और न ही संचालकों की शैक्षिक योग्यता से संबंधित आवश्यक कागजात मौके पर प्रस्तुत किए जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संबंधित संचालकों से इस संबंध में संतोषजनक जवाब मांगा गया, लेकिन विभाग के अनुसार उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन संस्थानों को नोटिस जारी किया। इनमें उपाध्याय क्लिनिक, माधव लैब और कल्याण आयुर्वेदिक सेंटर शामिल हैं। विभाग की ओर से इन संस्थानों के संचालकों को अपनी शैक्षिक योग्यता और वैध पंजीकरण से संबंधित आवश्यक अभिलेख विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के जरिए संचालकों को चिकित्सा संस्थान चलाने के लिए निर्धारित सरकारी नियमों का पालन करने के लिए भी कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का तत्काल प्रमुख बिंदु संबंधित संस्थानों से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कराना है। विभाग ने तीनों संस्थानों के संचालकों से उनके पंजीकरण और शैक्षिक योग्यता से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है। जांच के दौरान जिन दस्तावेजों की मांग की गई, उनमें संस्थान के वैध पंजीकरण से संबंधित प्रमाणपत्र तथा चिकित्सा सेवा या जांच कार्य से जुड़े लोगों की शैक्षिक योग्यता के अभिलेख शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर संस्थानों के संचालन और वहां चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों से संबंधित आवश्यक जानकारी की जांच की जानी है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अपंजीकृत क्लीनिकों के साथ-साथ अस्पतालों, नर्सिंग होम, दंत चिकित्सा केंद्रों और पैथोलॉजी लैबों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस अभियान के तहत ऐसे चिकित्सा संस्थानों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जांच में पंजीकरण और अन्य आवश्यक अभिलेखों की उपलब्धता को देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी अपंजीकृत चिकित्सा संस्थानों के संबंध में प्रशासन और विभाग को जानकारी देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में बिना वैध पंजीकरण के कोई क्लीनिक, अस्पताल या पैथोलॉजी लैब संचालित होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित स्थान पर जांच टीम भेजी जा सकती है। विभाग के अनुसार शिकायतों के आधार पर भी संबंधित संस्थानों की जांच की जाएगी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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