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मुजफ्फरनगर में शराब दुकानों की अचानक जांच, स्टॉक मिलान और गोपनीय खरीद जांच से परखी बिक्री

निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और स्टॉक में गड़बड़ी रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीमों ने विभिन्न मदिरा दुकानों पर की जांच, पॉश मशीन से बिक्री व्यवस्था भी परखी
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Bureau News Desk
21 Aug 2026
12:53 PM
1 min read
मुजफ्फरनगर में शराब दुकानों की अचानक जांच, स्टॉक मिलान और गोपनीय खरीद जांच से परखी बिक्री
हाइलाइट्स
मुजफ्फरनगर में आबकारी विभाग ने विभिन्न मदिरा दुकानों पर अचानक जांच अभियान चलाया।
दुकानों के भौतिक स्टॉक का सरकारी अभिलेखों और बिक्री व्यवस्था से मिलान किया गया।
अधिकारियों ने पॉश मशीन से बिक्री की प्रक्रिया की जांच की।
निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूले जाने की स्थिति जांचने के लिए गोपनीय खरीद जांच कराई गई।

मुजफ्फरनगर में शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने, स्टॉक में गड़बड़ी और नियमों के विपरीत बिक्री की संभावनाओं की जांच के लिए आबकारी विभाग ने अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। विभागीय टीमों ने जिले की विभिन्न मदिरा दुकानों पर पहुंचकर बिक्री व्यवस्था, उपलब्ध स्टॉक और अभिलेखों का सत्यापन किया। इस दौरान पॉश मशीन के जरिए बिक्री की प्रक्रिया की जांच की गई और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की स्थिति परखने के लिए गोपनीय खरीद जांच भी कराई गई।

यह अभियान अपर मुख्य सचिव, आबकारी तथा आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के दिशा-निर्देशों के क्रम में चलाया गया। कार्रवाई का संचालन मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में किया गया। जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों की टीमों ने अलग-अलग दुकानों पर पहुंचकर अचानक जांच की।

आबकारी विभाग के अधिकारियों ने जिले की विभिन्न मदिरा दुकानों पर अचानक पहुंचकर वहां की बिक्री व्यवस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने दुकानों पर मौजूद मदिरा के स्टॉक, बिक्री प्रक्रिया और संबंधित सरकारी अभिलेखों की स्थिति देखी।

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निरीक्षण का एक प्रमुख हिस्सा मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक का अभिलेखों से मिलान करना था। अधिकारियों ने यह जांच की कि रिकॉर्ड में दर्ज मदिरा की मात्रा और दुकान में मौजूद बोतलों की संख्या में कोई अंतर तो नहीं है। इस प्रक्रिया के जरिए स्टॉक से जुड़ी संभावित अनियमितताओं की पहचान करने का प्रयास किया गया।

जांच के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि दुकानों पर बिक्री निर्धारित व्यवस्था के अनुसार की जा रही है या नहीं। विभाग ने दुकानदारों को नियमों के पालन के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

अभियान के दौरान आबकारी विभाग की टीमों ने विशेष रूप से यह जांच की कि दुकानदार मदिरा की बिक्री पॉश मशीन के माध्यम से कर रहे हैं या नहीं। अधिकारियों ने मौके पर बिक्री प्रक्रिया को देखा और दुकानदारों को निर्धारित नियमों के तहत ही बिक्री करने के निर्देश दिए।

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विभाग के अनुसार, पॉश मशीन के माध्यम से बिक्री की निगरानी का उद्देश्य बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। इसके साथ ही बिना बिल के बिक्री या आबकारी नियमों के विपरीत बिक्री की संभावनाओं पर रोक लगाने के लिए भी जांच की गई।

अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिया कि बिक्री के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए और पॉश मशीन के इस्तेमाल में किसी प्रकार की अनदेखी न की जाए।

शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने की शिकायतों की जांच के लिए विभाग ने गोपनीय खरीद जांच कराई। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि दुकानों पर मदिरा तय मूल्य पर ही बेची जा रही है या ग्राहकों से अतिरिक्त रकम ली जा रही है।

इस जांच को गोपनीय रखा गया, ताकि दुकानों को इसकी पूर्व जानकारी न हो और बिक्री की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। इसके जरिए अधिकारियों ने मौके पर होने वाली बिक्री और ग्राहकों से ली जा रही रकम की स्थिति की जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

गोपनीय खरीद जांच के साथ-साथ अधिकारियों ने दुकानों पर मौजूद स्टॉक का भी सत्यापन किया। इस तरह अभियान में बिक्री व्यवस्था और स्टॉक, दोनों पहलुओं की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान आबकारी विभाग ने दुकानों में उपलब्ध मदिरा के भौतिक स्टॉक का संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से मिलान किया। अधिकारियों ने यह देखा कि दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध बोतलों की संख्या में कोई अंतर तो नहीं है।

स्टॉक सत्यापन का उद्देश्य रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता के बीच संभावित अंतर का पता लगाना था। अधिकारियों ने बिक्री से संबंधित व्यवस्था की भी जांच की, ताकि दुकानों पर लागू नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई।

आबकारी विभाग ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तय नियमों के अनुसार ही मदिरा की बिक्री की जाए। विभाग की ओर से यह भी कहा गया कि निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

ऐसी शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी मदिरा दुकान पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत ली जाती है या बिक्री प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो इसकी शिकायत विभाग तक पहुंचाई जा सकती है।

आबकारी विभाग के अनुसार, उपभोक्ता अपनी शिकायतें जन शिकायत ऐप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। इसके जरिए निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या बिक्री में अनियमितता से संबंधित शिकायत विभाग तक पहुंचाई जा सकती है। अभियान के दौरान विभागीय अधिकारियों ने दुकानदारों को नियमों के पालन और बिक्री प्रक्रिया में निर्धारित व्यवस्था अपनाने के निर्देश भी दिए।

मुजफ्फरनगर में चलाया गया यह जांच अभियान राज्य स्तर से जारी आबकारी संबंधी दिशा-निर्देशों के क्रम में किया गया। अभियान के दौरान जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों की टीमें विभिन्न दुकानों पर पहुंचीं।

कार्रवाई में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन की भी जानकारी दी गई है। विभागीय अधिकारियों ने दुकानों पर बिक्री व्यवस्था, स्टॉक और निर्धारित मूल्य से संबंधित पहलुओं की जांच की।

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