विशेष संसद सत्र के दौरान महिला आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य सोच-समझकर और पूरी संवेदनशीलता के साथ निर्णय लें तथा महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।
केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश किए हैं। इन विधेयकों पर मतदान से पहले प्रधानमंत्री ने सभी दलों से सहयोग की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह देश की नारी शक्ति की ओर से सभी सांसदों से अनुरोध कर रहे हैं कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे महिलाओं की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर इस फैसले पर है और सभी को अपनी नीयत और निर्णय को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों का समर्थन किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका अधिकार मिल सके और राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़े।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि संसद में इस विषय पर देर रात तक चर्चा हुई और विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार किया गया। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान उठे भ्रमों को तर्क के साथ स्पष्ट किया गया और सदस्यों की आशंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया गया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है और अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में उचित भागीदारी मिले।
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