>उत्तर प्रदेश सरकार ने आमजन को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अब महिलाओं की तरह भूतपूर्व सैनिकों और दिव्यांगों को भी संपत्ति क्रय-विक्रय में स्टाम्प शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा।
>गुरुवार को हुई स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े पर रोक और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधार प्रमाणीकरण प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही, प्राधिकरण आवंटियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने हेतु सिंगल विंडो ई-पंजीकरण सुविधा शुरू की जाएगी।
>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अब ₹20 हजार से अधिक के निबंधन शुल्क पर सभी जिलों में ई-भुगतान अनिवार्य होगा। इसके अलावा, छोटे किरायेनामों पर आमजन को राहत देने के लिए 10 वर्ष तक की अवधि वाले लघु एवं मध्यम वर्ग के किरायेनामों पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट देने पर विचार किया जा रहा है।
>सीएम योगी ने विभाग को रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यकुशलता और सेवा की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि वेंडरों के कमीशन को तार्किक बनाया जाए और स्टाम्प विक्रय के अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाए।
>बैठक में विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2002 से 2017 तक के 99% विलेखों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। वर्तमान में 98% से अधिक निबंधन कार्य ई-स्टाम्प के माध्यम से हो रहे हैं।
>विभाग ने बताया कि विभिन्न जिलों की मूल्यांकन सूचियों में सुधार किया गया है और विसंगतियों को दूर किया गया है। साथ ही, उप-पंजीकरण कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने हेतु CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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