>उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन का दौर चरम पर है। कांवड़ियों को लेकर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने स्वामी प्रसाद मौर्य के लखनऊ स्थित आवास पर ‘जलाभिषेक’ करने का ऐलान किया, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
>लेकिन बात यहीं नहीं रुकी इस ऐलान पर खुद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है, "जिनका मन पहले से गंदा है, वो क्या दूसरों को शुद्ध करेंगे?" इस बयान के साथ उन्होंने न सिर्फ अपना पक्ष दोहराया बल्कि भारतीय जनता पार्टी और वीएचपी पर भी सीधा हमला बोला।
>पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ कहा कि वह अपने बयान से पीछे नहीं हटने वाले। उन्होंने दोहराया कि असली शिवभक्त वह नहीं हो सकते जो उपद्रव मचाएं, सड़कों पर हुड़दंग करें, महिलाओं को परेशान करें या सेना की राह में बाधा बनें। उनके अनुसार, "जो ऐसा कर रहे हैं, वे कांवड़िए नहीं, सत्ता संरक्षित बीजेपी के गुंडे हैं।"
>मौर्य ने व्यंग्य करते हुए कहा, "पापियों के पाप धोते-धोते खुद गंगा मैली हो गई, तो गंगाजल से क्या शुद्धिकरण होगा?" उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलाभिषेक की आड़ में जो राजनैतिक नाटक किया जा रहा है, वह जनता की समझ में आ चुका है।
>बसपा सरकार में मंत्री रहे मौर्य ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार में गुंडे-माफिया उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग गए थे, लेकिन आज वही ताकतें सत्ता में संरक्षण पाकर धर्म की आड़ में नफरत और उन्माद फैला रही हैं।
>स्वामी प्रसाद मौर्य ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर शरीफ जाकर चादर चढ़ाते हैं तो कोई सवाल नहीं करता, लेकिन उन्होंने कांवड़ियों के हिंसक व्यवहार की आलोचना की तो बवाल मच गया। उन्होंने कहा, "धार्मिक आस्था का मतलब यह नहीं कि कोई कानून से ऊपर हो जाए या समाज में डर फैलाए।"
>वीएचपी का विरोध
>विवाद बढ़ता देख विश्व हिन्दू परिषद ने मौर्य के आवास पर जलाभिषेक का आह्वान किया है। इस घोषणा के बाद लखनऊ पुलिस ने मौर्य के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी है और इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए सतर्क है।
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