उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में चल रहे योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब तस्वीर लगभग साफ हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट का विस्तार रविवार 10 मई को दोपहर 3:30 बजे होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस विस्तार में जहां छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है, वहीं कई मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी संभव मानी जा रही है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर शनिवार देर रात तक दिल्ली और लखनऊ के वरिष्ठ नेताओं के बीच मंथन चलता रहा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार के जरिए सरकार आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कारण संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुछ संभावित चेहरे पिछले दो दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं और अंतिम सूची पर लगातार विचार-विमर्श जारी है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में आए पूर्व मंत्री मनोज पांडेय का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। वहीं पूजा पाल, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और आशा मौर्य के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा अशोक कटारिया और सुरेश पासी के नामों पर भी पार्टी नेतृत्व विचार कर रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एक या दो मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार से पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। इससे सरकार अनुभव और संगठनात्मक संतुलन दोनों साधने की कोशिश करेगी। सूत्रों का दावा है कि कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ विभिन्न आयोगों और बोर्डों में रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां की जा सकती हैं।
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। यह मुलाकात लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के बाद हुई, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं और तेज हो गईं। माना जा रहा है कि इस बैठक में संभावित मंत्रियों की सूची और शपथ ग्रहण समारोह की रूपरेखा पर अंतिम चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के रविवार के सभी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही मौजूदा मंत्रियों को दोपहर तीन बजे तक लोक भवन पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इन घटनाक्रमों को कैबिनेट विस्तार की आधिकारिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मंत्रिमंडल में अभी छह पद रिक्त हैं। संभावना जताई जा रही है कि विस्तार के बाद मंत्रिमंडल की संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच सकती है। हालांकि नए चेहरों को जगह देने के लिए कुछ मौजूदा मंत्रियों की विदाई भी तय मानी जा रही है।
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