>सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार कोविड लॉकडाउन के दौरान विधायकों और सांसदों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह निर्णय दो वर्ष या उससे कम सजा वाले मामलों पर लागू होगा।
>जानकारी के मुताबिक, सरकार ने उच्च स्तर पर बनी आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमति जताई है। कोविड काल में उत्तर प्रदेश में 3.5 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए थे, जिनमें आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधि तक शामिल थे। सरकार पहले ही आम लोगों पर दर्ज सभी 3.5 लाख मामलों को वापस ले चुकी है। अब विधायक और सांसद भी राहत के दायरे में आ सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि राज्य में 80 से 90 जनप्रतिनिधियों पर कोविड नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की गई थी। इन मामलों में सभा, धरना, कार्यक्रम या लॉकडाउन दिशा-निर्देशों का पालन न करने जैसी धाराएँ शामिल थीं। सरकार अब इन मामलों को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेने की तैयारी कर रही है, जिसके बाद प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी।
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