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मानसून से पहले बाढ़ को लेकर सरकार कितनी तैयार? मंत्री ने मौके पर जाकर परखी व्यवस्था

रामनगर और रामपुरमथुरा में तटबंध, राहत तैयारियों और सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण; अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य पूरे करने के निर्देश।
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Bureau News Desk
02 Jul 2026
09:10 PM
1 min read
मानसून से पहले बाढ़ को लेकर सरकार कितनी तैयार? मंत्री ने मौके पर जाकर परखी व्यवस्था
मानसून के बीच बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा तेज, जल शक्ति मंत्री ने तटबंधों और परियोजनाओं का किया निरीक्षण
हाइलाइट्स
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बाराबंकी और सीतापुर में बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण किया।
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और कटान या रिसाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
सीतापुर में सिंचाई खंड के नवनिर्मित कार्यालय भवन का लोकार्पण किया गया।

मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ सुरक्षा और राहत तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के तेवराइपुरवा गांव और सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ संभावित इलाकों, तटबंधों और सिंचाई परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव की तैयारियां समय से पूरी करने, तटबंधों की नियमित निगरानी रखने और सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

तेवराइपुरवा गांव में मंत्री ने तहसील प्रशासन, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान नदी तटबंधों, कटान संभावित स्थलों और जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण कर उन्होंने विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों से कहा गया कि मानसून के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री ने संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नावों, राहत सामग्री, आवश्यक दवाइयों, पशुओं के चारे और सुरक्षित आश्रय स्थलों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में राहत कार्य बिना किसी देरी के शुरू किए जा सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और जहां कटान या रिसाव की आशंका दिखाई दे, वहां तत्काल मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं। साथ ही सिंचाई, राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने पर भी बल दिया।

बाराबंकी में निरीक्षण के बाद जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सीतापुर पहुंचे, जहां उन्होंने सिंचाई खंड के नवनिर्मित कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-हवन और विधि-विधान के साथ हुआ। समारोह में नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु, सेवता विधायक ज्ञान तिवारी, मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नए कार्यालय भवन के संचालन से विभागीय कार्यों के निष्पादन में गति आने की उम्मीद जताई गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पूर्व कार्यालय भवन काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। नए भवन के शुरू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और किसानों व आम नागरिकों को विभागीय सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

सीतापुर दौरे के दौरान जल शक्ति मंत्री ने रामपुर मथुरा क्षेत्र के सुकुल पुरवा में संचालित बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने घाघरा नदी के किनारे निर्माणाधीन तीन ठोकरों (स्पर्स) का जायजा लिया और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी बाढ़ सत्र या निर्धारित समय-सीमा से पहले सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सके।

निरीक्षण के दौरान जल शक्ति मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी होने पर किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

रामनगर क्षेत्र के दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने मंत्री के सामने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याएं भी रखीं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रहनी चाहिए।

सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जल शक्ति मंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की।

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