प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश में ईंधन बचत अभियान को नई रफ्तार मिल गई है। प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, महापौर और प्रशासनिक अधिकारी अब साइकिल, पैदल या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर लोगों को ऊर्जा संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।
प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास से विधानसभा स्थित कार्यालय तक साइकिल से पहुंचकर इस अभियान को मजबूती दी। उन्होंने घोषणा की कि वह हर सप्ताह कम से कम एक दिन साइकिल से कार्यालय जाएंगे, ताकि आम लोगों को भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सके।
सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का लगभग 85 से 86 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर बड़ी बचत की जा सकती है।
इसी अभियान के तहत प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने इलेक्ट्रिक व्हीकल का उपयोग शुरू किया है। वहीं वाराणसी में कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव साइकिल चलाते नजर आए, जबकि महापौर अशोक तिवारी अपने आवास से पैदल नगर निगम कार्यालय पहुंचे। वाराणसी नगर निगम ने शनिवार को “नो फ्यूल डे” के रूप में मनाने का फैसला लिया है।
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय और निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी ईंधन बचत को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है।
गोरखपुर में सांसद रवि किशन ने अपना काफिला छोटा कर दिया है और अब वह केवल दो गाड़ियों के साथ यात्रा कर रहे हैं। वहीं महापौर मंगलेश श्रीवास्तव ने स्कॉर्ट वाहन का उपयोग बंद कर दिया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी सरकारी एस्कॉर्ट हटाने का फैसला लिया है।
अयोध्या में महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयंत कुमार ने अपने सुरक्षा वाहन वापस कर दिए हैं। वहीं बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह अपने आवास से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनके साथ अपर जिलाधिकारी भी पैदल चले।
प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने एस्कॉर्ट वाहन छोड़ दिए हैं। वहीं नगर निगम ने फैसला लिया है कि अब पार्षद चार पहिया वाहनों के बजाय दोपहिया वाहनों से क्षेत्र में जाएंगे।
मोरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह साइकिल से कार्यालय पहुंचे, जबकि रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने दो महत्वपूर्ण बैठकें वर्चुअल माध्यम से आयोजित कीं और अधिकारियों को अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मिर्ज़ापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने अधिकारियों से फील्ड विजिट के दौरान सार्वजनिक परिवहन और वाहन शेयरिंग अपनाने को कहा है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें