उत्तर प्रदेश में सड़क, पुल, शहरी विकास, औद्योगिक और अन्य अवसंरचना परियोजनाओं को अधिक व्यवस्थित और वित्तीय रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राष्ट्रीय अवसंरचना वित्त एवं विकास बैंक और यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीआईकॉन) के बीच एक एमओए पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस सहयोग के तहत परियोजनाओं की प्रारंभिक योजना तैयार करने, वित्तीय मॉडल विकसित करने, निवेश और ऋण जुटाने तथा परियोजनाओं की आर्थिक व्यवहार्यता को मजबूत करने में संयुक्त रूप से सहायता दी जाएगी। इससे राज्य की विकास परियोजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दोनों संस्थाओं के बीच हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं को तैयार करना है जो तकनीकी और वित्तीय दोनों दृष्टि से मजबूत हों। इसके साथ ही निवेशकों के लिए परियोजनाओं को अधिक आकर्षक बनाकर दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़ी अवसंरचना परियोजना की सफलता केवल निर्माण पर नहीं बल्कि उसकी मजबूत वित्तीय योजना और परियोजना संरचना पर भी निर्भर करती है। यही कारण है कि इस साझेदारी में लेनदेन संबंधी सलाह, वित्तीय मॉडलिंग, ऋण जुटाने और क्रेडिट एन्हांसमेंट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अवसंरचना वित्त एवं विकास बैंक की उप प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी मोनिका कालिया ने कहा कि देश में अवसंरचना विकास को गति देने के लिए अच्छी तरह तैयार और टिकाऊ परियोजनाओं का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए तैयार परियोजनाओं को विकसित करने और व्यापक वित्तीय सलाह के साथ नवाचार आधारित वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं बैंक के रणनीति एवं साझेदारी प्रमुख हिमांशु गुलियानी ने कहा कि यूपीआईकॉन के साथ यह सहयोग राज्य में अवसंरचना विकास को तेज करने में मदद करेगा। इसके माध्यम से वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे दीर्घकालिक निवेश आकर्षित किया जा सकेगा।
यूपीआईकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण आर. सिंह ने कहा कि यह साझेदारी उत्तर प्रदेश सरकार और उसकी विभिन्न एजेंसियों को परियोजनाओं की अवधारणा से लेकर वित्तपोषण तक पेशेवर सहयोग उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। इससे राज्य की अवसंरचना परियोजनाओं के लिए टिकाऊ वित्तीय समाधान तैयार करने और तेज गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इस साझेदारी का लाभ सड़क, परिवहन, शहरी विकास, औद्योगिक अवसंरचना, सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं और अन्य सरकारी विकास परियोजनाओं को मिलने की संभावना है। बेहतर वित्तीय योजना और निवेश जुटाने की प्रक्रिया मजबूत होने से परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
राष्ट्रीय अवसंरचना वित्त एवं विकास बैंक की स्थापना अप्रैल 2021 में एक विकास वित्तीय संस्था के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य देश में अवसंरचना क्षेत्र की दीर्घकालिक वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है। संस्था भारत में अवसंरचना वित्तपोषण के लिए मजबूत पूंजी बाजार विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।
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