>आम आदमी पार्टी (AAP) ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सरकारी भर्तियों में आरक्षण का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि सरकार दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के हक की नौकरियां सामान्य वर्ग को दे रही है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
>संजय सिंह ने विशेष रूप से बांदा कृषि विश्वविद्यालय और लखीमपुर सहकारी बैंक का उदाहरण देते हुए कहा कि इन संस्थानों में आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित नौकरी का अनुपात बहुत कम रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के कारण लाखों युवा बेरोजगार रह जाते हैं और नौकरी की जगह उन्हें केवल निराशा का सामना करना पड़ता है।
>AAP ने मांग की है कि भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच की जाए, दोषियों को सजा दी जाए और उत्तर प्रदेश में आरक्षण को पूरी तरह लागू किया जाए। संजय सिंह ने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति नहीं सुधरी, तो दलित और पिछड़ा वर्ग अपनी मांगों के लिए सशक्त कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
>इस मामले ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और सामाजिक न्याय का कितना पालन हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि योगी सरकार की नीतियों से आरक्षित वर्गों का रोजगार हक बाधित हो रहा है, जबकि सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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