>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के सात साल पूरे होने पर आयुष्मान भारत दिवस के अवसर पर राज्यभर में विशेष कार्यक्रम और शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में लाभार्थियों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर 2018 को इस योजना का शुभारंभ किया था। सात साल में यह योजना विश्व की सबसे बड़ी सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना बन चुकी है। इसका उद्देश्य गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
>उत्तर प्रदेश ने इस योजना में ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए देश में सबसे अधिक 5.38 करोड़ लाभार्थियों के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, जो कुल लक्षित 9 करोड़ लाभार्थियों का 87 प्रतिशत है। सांची की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, राज्य ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में कई महत्वपूर्ण श्रेणियों को शामिल किया है। इनमें कुम्भ वर्कर्स, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, अंत्योदय कार्ड धारक, अत्यंत पिछड़ी जनजातियाँ (PVTG), वरिष्ठ नागरिक और हाल ही में शिक्षक वर्ग भी शामिल किए गए हैं।
>अब तक 74.40 लाख लाभार्थियों ने सूचीबद्ध चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार प्राप्त किया है, जिसमें 12,283 करोड़ रुपये का खर्च हुआ। प्रदेश में 2921 सरकारी और 3088 निजी अस्पतालों सहित कुल 6099 अस्पतालों को योजना में शामिल किया गया है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। योजना के तहत तृतीयक उपचार सेवाओं पर 4200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें कैंसर, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, अंग प्रत्यारोपण, शिशु कैंसर और प्लास्टिक सर्जरी जैसी विशिष्ट सेवाएं शामिल हैं।
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