>उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए नीति आयोग ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों का रोडमैप तैयार करने के लिए आयोग ने 11 प्रोग्राम निदेशकों को तैनात किया है। इस रोडमैप में कृषि, औद्योगिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुशासन सहित अन्य सेक्टरों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
>नीति आयोग के प्रोग्राम निदेशक संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर समग्र विकास का विजन डाक्यूमेंट तैयार करेंगे। कृषि और पशुधन संरक्षण सेक्टर के लिए नीलम पटेल, औद्योगिक विकास के लिए इश्तियाक अहमद, आईटी और इमर्जिंग सेक्टर के लिए देबजानी घोष और युगल किशोर जोशी, पर्यटन सेक्टर के लिए युगल किशोर जोशी, नगर एवं ग्राम्य विकास के लिए अन्ना राय, अवस्थापना के लिए राजीव सिंह ठाकुर, संतुलित विकास के लिए डा. अंशु भारद्वाज, समाज कल्याण के लिए केएस रेजीमोन, स्वास्थ्य के लिए राजीव कुमार सेन, शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए डा. सोनिया पंत और सुरक्षा एवं सुशासन के लिए मेजर जनरल के नारायनन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
>साथ ही, यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मिशन में जुटी संस्था डिलाइट ने भी हर सेक्टर के लिए अपने प्रतिनिधियों को तैनात किया है। डिलाइट के प्रतिनिधि विभिन्न सेक्टरों का रोडमैप तैयार करने में नीति आयोग और नियोजन विभाग के साथ मिलकर सहयोग करेंगे।
>इस रोडमैप की तैयारी में नियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सेक्टर विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इस टीम की कोशिश है कि नवंबर तक सभी सेक्टरों का रोडमैप तैयार हो जाए, जिससे यूपी का भविष्यिक विकास रणनीतिक रूप से तय हो सके।
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