सीएम योगी के संकल्प से 2047 तक बदलेगा यूपी का चेहरा: गाँव हो या महानगर सब होंगे स्मार्ट

22 साल बाद का यूपी आज से बिल्कुल अलग होगा—जहाँ हर शहर स्मार्ट, हर घर रोशन और हर गली में मेट्रो दौड़ती नज़र आएगी।
News Desk 05 Sep 2025, 08:07 AM 1 min read
सीएम योगी के संकल्प से 2047 तक बदलेगा यूपी का चेहरा: गाँव हो या महानगर सब होंगे स्मार्ट


>उत्तर प्रदेश अब केवल ‘सबसे बड़े राज्य’ की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2047 तक देश के सबसे आधुनिक और विकसित प्रदेश के रूप में अपनी छवि गढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” विज़न को मिशन मानकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को शहरी विकास के नए युग में ले जाने का खाका तैयार किया है।


>योगी सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य है आने वाले 22 वर्षों में पाँच विश्वस्तरीय स्मार्ट सिटीज़ का निर्माण। ये शहर न केवल अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस होंगे, बल्कि निवेश, कनेक्टिविटी और जीवन-स्तर के मामले में किसी भी वैश्विक शहर को चुनौती देंगे।


>‘विकसित यूपी @2047’ के तहत हर शहर को स्मार्ट सिटी के मॉडल पर विकसित किया जाएगा। स्वच्छ पेयजल, 24 घंटे बिजली, पक्के मकान, आधुनिक परिवहन, मेट्रो और लाइट मेट्रो जैसी सुविधाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचेंगी। यह शहरीकरण न केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होगा, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और रोजगार के अवसरों को भी नई ऊँचाई देगा।


>विजन डॉक्यूमेंट में सीवर और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को विशेष महत्व दिया गया है। सभी शहरों में वैज्ञानिक आधार पर सीवेज प्रबंधन विकसित किया जाएगा, ताकि गंदे पानी का प्रभावी निस्तारण हो सके। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल की मज़बूत व्यवस्था शहरों को प्रदूषण-मुक्त बनाएगी और पर्यावरणीय संतुलन को सुरक्षित रखेगी।


>2017 से अब तक यूपी की शहरी तस्वीर में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है।


    >
  • 117 नए शहरी निकाय बनाए गए और 123 का विस्तार किया गया।

  • स्मार्ट सिटी योजना से 17 जिलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया।

  • SRC (राज्य राजधानी क्षेत्र) का गठन हुआ, जिससे लखनऊ और आसपास के जिलों का योजनाबद्ध विकास संभव हुआ।

  • आकांक्षी नगर योजना से 100 आकांक्षात्मक शहरों को विकास की मुख्यधारा में लाया गया।

  • 240 शहरी निकायों में 2534 किमी सड़कें और 342 किमी नालियाँ बनाई गईं।


>पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता देकर विकास की गति को नया आयाम दिया गया है।


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि शहरी विकास केवल ढांचा खड़ा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को समृद्ध बनाने का प्रयास है। पीएम मोदी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए यूपी 2047 तक न केवल भारत का सबसे विकसित राज्य बनेगा, बल्कि विश्व के शहरी विकास मॉडल के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?