लोकसभा में महिला आरक्षण बिल शुक्रवार को पारित नहीं हो सका। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जिसके चलते यह प्रस्ताव गिर गया।
बिल के पारित न होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह संविधान पर आक्रमण था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए 2023 के महिला आरक्षण बिल का हवाला दिया।
राहुल गांधी ने कहा, “यह संविधान पर आक्रमण था और हमने इसे हरा दिया है। हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि यह महिला बिल नहीं है, बल्कि देश के राजनीतिक ढांचे को बदलने की कोशिश है। अगर सरकार महिला आरक्षण चाहती है, तो 2023 का बिल लागू करे, विपक्ष उसका समर्थन करेगा।
#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, "We have defeated this attack on the Constitution. We have clearly said that this is not a women's reservation bill, but it is a way to change India's political structure." pic.twitter.com/aotPoy765B
— ANI (@ANI) April 17, 2026
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का विषय नहीं था, बल्कि लोकतंत्र और देश की अखंडता से जुड़ा मुद्दा था।
प्रियंका गांधी ने कहा, हम इससे सहमत नहीं हो सकते कि महिला आरक्षण को परिसीमन से इस तरह जोड़ा जाए, जो पुरानी जनगणना पर आधारित हो और जिसमें ओबीसी शामिल न हों। यह बिल पारित होना संभव नहीं था। यह देश के लोकतंत्र और अखंडता के लिए बड़ी जीत है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें