>अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के उपलक्ष्य में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा तीन दिवसीय “योग समावेश्य” कार्यक्रम का भव्य आयोजन ग्रामीण स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण केन्द्र, जुग्गौर में किया गया। यह आयोजन निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह, डीन प्रो. (डॉ.) प्रद्युम्न सिंह और सीएमएस प्रो. (डॉ.) विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
>इस अनूठे आयोजन में समाज के सभी वर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों में टीबी एवं कुष्ठ रोग से पीड़ित मरीज, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहुएं, बुजुर्ग, बच्चे, केंद्र के कर्मचारी और उनके परिजन शामिल रहे। यह आयोजन केवल योग दिवस तक सीमित न रहकर समाज के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बना।
योग, व्यायाम और ध्यान: स्वास्थ्य का त्रिवेणी संगम
>कार्यक्रम के पहले दिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस.डी. काण्डपाल ने योग के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला। योगाचार्य ओम नारायण अवस्थी ने तीनों दिन 30 मिनट के योग सत्र आयोजित किए, जिनमें सूक्ष्म व्यायाम, त्रिकोणासन, ताड़ासन, प्राणायाम, कपालभाती, और ब्राह्मणी जैसे योग शामिल रहे। साथ ही प्रत्येक दिन ध्यान सत्र ने प्रतिभागियों को मानसिक शांति प्रदान की।
उत्साहवर्धक समापन और प्रेरणादायक संदेश
>तीसरे दिन निदेशक प्रो. (डॉ.) सी.एम. सिंह एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल विशेष रूप से उपस्थित रहे। डॉ. सिंघल ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया, जबकि डॉ. सिंह ने बचपन से ही योग अपनाने की प्रेरणा दी।
>कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अनुष्का रावत और काजल यादव ने क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं नन्ही योग टीचर काशवि वर्मा ने भुजंगासन, चक्रासन और पद्मासन जैसे योगासन प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।
>योगाचार्य ओम नारायण अवस्थी एवं काशवि वर्मा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सभी विजेताओं एवं नियमित प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
>समापन सत्र में डॉ. विनीता शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि मंच संचालन डॉ. हुदा सिद्दीकी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग की पूरी फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अहम योगदान दिया।
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