उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों, सरकारी वकीलों, वाहन स्वामियों, सार्वजनिक परिवहन और कारागार व्यवस्था से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार ने मक्का की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया है, जबकि सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई।
किसानों के लिए मक्का खरीद की व्यवस्था: कैबिनेट ने मक्का खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया है। इसके तहत राज्य में 5 जून से सरकारी खरीद शुरू होगी। खरीद व्यवस्था 31 जुलाई तक संचालित की जाएगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराना है। खरीद अवधि तय होने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए निर्धारित समयसीमा भी मिल जाएगी।
सरकारी वकीलों के मानदेय में बढ़ोतरी: बैठक में जिला न्यायालयों और अन्य स्तरों पर कार्यरत सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि को मंजूरी दी गई। सरकारी वकीलों की रिटेनरशिप तथा प्रति हियरिंग फीस में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स को भी बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। कैबिनेट के समक्ष एडवोकेट जनरल की रिटेनरशिप 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
वाहन स्वामियों को राहत देने वाला फैसला: कैबिनेट बैठक में लाखों वाहन स्वामियों को राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। सरकार की ओर से इस निर्णय को परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इस प्रस्ताव का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया।
18 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में GCC मॉडल पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही बड़े शहरों में एयर कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को भी हरी झंडी दी गई है। इस फैसले से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पांच जिलों में नई जेलों का निर्माण: कैबिनेट ने राज्य के पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके अलावा जेलों में बंदियों की मृत्यु की स्थिति में मुआवजा नीति को भी स्वीकृति दी गई। यह निर्णय कारागार प्रशासन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोहनलालगंज में रजिस्ट्री कार्यालय के लिए भूमि स्वीकृत: बैठक में मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह कदम क्षेत्र में प्रशासनिक सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में माना जा रहा है।
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