"स्वच्छ गरिमा" अभियान योगी सरकार का बेटियों के आत्मविश्वास वृद्धि में बड़ी पहल

संकोच नहीं संवाद: केजीबीवी की छात्राओं को मिलेगा वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बढ़ेगा आत्मबल
News Desk 30 May 2025, 04:46 AM 1 min read
"स्वच्छ गरिमा" अभियान योगी सरकार का बेटियों के आत्मविश्वास वृद्धि में बड़ी पहल


>उत्तर प्रदेश सरकार अब किशोरियों के स्वास्थ्य, आत्मसम्मान और जागरूकता को नई दिशा देने के लिए एक अहम पहल कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छ गरिमा’ अभियान प्रदेश की बेटियों को आत्मगौरव के साथ जीवन जीने का आत्मबल देगा।


>प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में पढ़ने वाली छात्राओं को अब माहवारी स्वच्छता, पोषण और संवाद के अधिकार जैसे विषयों पर वैज्ञानिक और सहज प्रशिक्षण मिलेगा। यह प्रशिक्षण यूनिसेफ के सहयोग से तैयार किए गए विशेष मॉड्यूल पर आधारित होगा, जिसमें चित्रों, संवादों और जीवन व्यवहार से जुड़ी गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।

संकोच नहीं, संवाद है जरूरी


>माहवारी जैसे विषय पर अभी भी समाज में संकोच की दीवारें खड़ी हैं, जिन्हें यह अभियान तोड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल कानून से नहीं, सामाजिक सोच में बदलाव से संभव है। यही वजह है कि अब शिक्षा व्यवस्था को संवेदनशील और व्यवहारिक बनाया जा रहा है।


>बेटियों को गरिमा, संवाद और सुरक्षा का अधिकार


>बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मबल, स्वास्थ्य और गरिमा भी देना है। उन्होंने कहा, “बेटियों के सपनों को उड़ान देना हमारी प्राथमिकता है। ‘स्वच्छ गरिमा’ अभियान उसी दिशा में एक निर्णायक प्रयास है।”

शिक्षकों की अहम भूमिका, अभिभावकों की भागीदारी भी


>इस अभियान में शिक्षिकाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी संकोच के छात्राओं से संवाद कर सकें। आगे चलकर इसमें अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि माहवारी जैसे विषयों पर घर और स्कूल में समान रूप से संवाद का वातावरण बने।

स्वच्छ गरिमा’ की मुख्य विशेषताएं:

746 केजीबीवी में चरणबद्ध क्रियान्वयन

यूनिसेफ के सहयोग से तैयार वैज्ञानिक मॉड्यूल

शिक्षिकाओं और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी

किशोरियों को पोषण, संवाद और स्वच्छता पर जागरूकता

संकोचमुक्त संवाद का माहौल बनाना मुख्य उद्देश्य


>यह अभियान ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ’ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है, जो बेटियों को स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी नागरिक बनाएगा। उत्तर प्रदेश एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहा है, जहां बेटियों को गरिमा, स्वास्थ्य और समान अधिकार मिलेंगे — खुलकर जीने और सपने देखने का हक मिलेगा।

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