>बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। रक्सौल और नरकटिया की जनसभाओं में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए महागठबंधन पर तीखे प्रहार किए और एनडीए सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा।
>सीएम योगी ने कहा कि बिहार अब “जंगलराज” के दौर में वापस नहीं लौटना चाहता। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में शासन-प्रणाली कमजोर होने से राज्य अपराध, अपहरण और जातीय संघर्षों का शिकार रहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, नई सरकारों ने कनेक्टिविटी से लेकर रोजगार तक, कई क्षेत्रों में सुधार की दिशा में कदम उठाए हैं।
>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एनडीए मॉडल में सुशासन, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि यूपी में रोजगार, कानून व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े परिवर्तन हुए हैं।
>उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे समय की ओर नहीं लौटना चाहती, जब अफसरशाही और आपराधिक तंत्र का बोलबाला हुआ करता था। उनके अनुसार, वर्तमान केंद्र सरकार ने परंपरा और प्रगति, दोनों को साथ लेकर योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाया है जिसमें मुफ्त राशन, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आवास योजना और महिला सशक्तिकरण शामिल हैं।
>सीएम योगी ने दावा किया कि बिहार में भी विकास के रास्ते को तेज गति देने की ज़रूरत है, और यह माहौल तभी बनेगा जब सुशासन को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि अब जनता विकास, बेरोज़गारी समाधान और सामाजिक स्थिरता की उम्मीद रखती है।
>सभाओं में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण से लेकर सीतामढ़ी में धार्मिक परियोजनाओं तक का उल्लेख किया और कहा कि “विरासत और विकास दोनों को सम्मानित करने वाली नीति ही राष्ट्र को आगे ले जा सकती है।”
>उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक वादों से सावधान रहें जो केवल भावनाओं पर आधारित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद और आपराधिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और सुशासन ही बिहार के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
>सभाओं में भारी भीड़ ने उत्साह दिखाया और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों में इस भाषण को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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