>उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में आई बाढ़ ने हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक 402 गांव और 84,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने तत्काल राहत कार्यों की कमान संभाली है। बाढ़ से निपटने के लिए 11 मंत्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है, जो स्थलीय निरीक्षण और राहत वितरण की निगरानी कर रहे हैं।
>बाढ़ से अब तक 4,015 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हो चुका है। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के अनुसार, सरकार ने अब तक 6,536 खाद्यान्न पैकेट और 76,632 लंच पैकेट वितरित किए हैं। 29 लंगरों के ज़रिए भोजन पहुंचाया जा रहा है। जलभराव और संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए 1.29 लाख क्लोरीन टेबलेट और 37,089 ओआरएस पैकेट भी बांटे गए हैं।
>बाढ़ ने प्रदेश के कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर जिलों को चपेट में लिया है। यहां की 37 तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ से मकानों, फसलों और मवेशियों को भारी नुकसान हुआ है।
>अब तक 343 मकानों को नुकसान हुआ है, जिनमें से 327 पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। बाढ़ प्रभावितों में से 47,906 लोगों तक राहत पहुंचाई जा चुकी है, जबकि अन्य को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
>राज्य सरकार ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए 493 नावों और मोटरबोट्स को सक्रिय किया है। साथ ही 905 बाढ़ राहत शरणालयों में 11,248 लोगों को सुरक्षित आश्रय दिया गया है। 2,759 मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 500 कुंतल भूसा वितरण के लिए भेजा गया है।
>मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार के 11 मंत्री अलग-अलग जिलों में डटे हुए हैं:
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बलिया: आयुष राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’
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जालौन और हमीरपुर: जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह व मंत्री संजय गंगवार
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इटावा: मंत्री धर्मवीर प्रजापति
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प्रयागराज, मीरजापुर, बांदा: नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’
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औरैया: स्वतंत्र देव सिंह व प्रतिभा शुक्ला
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हमीरपुर: रामकेश निषाद
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आगरा: जयवीर सिंह
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वाराणसी: सुरेश खन्ना
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कानपुर देहात: संजय निषाद
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फतेहपुर: अजीत पाल
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>ये सभी मंत्री स्थलीय निरीक्षण, भोजन वितरण और जनसंवाद के माध्यम से व्यवस्थाओं को खुद मॉनिटर कर रहे हैं। कई मंत्री रात्रि विश्राम भी वहीं कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिए जा सकें।
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