>राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित कठौता झील की सफाई की तैयारी शुरू हो गई है। इंदिरानगर, गोमतीनगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लगभग 10 लाख लोगों की पानी की आपूर्ति इस सफाई कार्य के दौरान प्रभावित हो सकती है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि एक महीने के लिए पानी का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है और नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
झील में 6.50 लाख क्यूबिक मीटर गाद जमा
>कठौता झील में शारदा सहायक नहर के ज़रिए पानी आता है, लेकिन इसके साथ ही वर्षों से बालू और मिट्टी भी बहकर झील में जमा होती रही है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण अब झील की 17 फीट गहराई में करीब 6.50 लाख क्यूबिक मीटर गाद जमा हो चुकी है। इससे झील की जल संग्रहण क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है और पानी की उपलब्धता घट गई है।
18 मई से शारदा नहर रहेगी बंद
>सहायक नहर विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश वैश्य ने जानकारी दी कि 18 मई से शारदा सहायक नहर एक महीने के लिए बंद की जाएगी। इस अवधि में झील के दूसरे हिस्से की सफाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह कार्य वर्षों बाद किया जा रहा है ताकि झील की जलधारण क्षमता को बढ़ाया जा सके।
जलकल विभाग ने किया पानी स्टोर
>जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया कि सफाई कार्य के दौरान जल संकट से बचने के लिए झील में 14 फीट पानी स्टोर कर लिया गया है। यह भंडारण एक महीने तक की जल आपूर्ति के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है।
जनता को न हो असुविधा, प्रशासन सतर्क
>प्रशासन और जलकल विभाग दोनों का दावा है कि झील की सफाई के दौरान आम जनता को पानी की आपूर्ति में कोई कठिनाई नहीं आने दी जाएगी। नहर बंद रहने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शहर की जल जरूरतें पूरी की जाएंगी।
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