सरकार बचने वाली नहीं - लखनऊ में अखिलेश यादव का दावा, 2027 में सपा की वापसी

लखनऊ में सपा मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा, 2027 में सपा सरकार बनाने का दावा किया और पीडीए आंदोलन पर जोर दिया।
News Desk 22 Feb 2026, 04:52 PM 1 min read
सरकार बचने वाली नहीं - लखनऊ में अखिलेश यादव का दावा, 2027 में सपा की वापसी

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। अखिलेश यादव ने 2027 में उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनने का दावा करते हुए खुद को नेता प्रतिपक्ष की भूमिका से जोड़ा और लोकतंत्र बचाने का संकल्प दोहराया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि हर वर्ग के लोग समाजवादी पार्टी से जुड़ रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में परिवर्तन तय है। उन्होंने कहा कि 2027 में प्रदेश में सपा सरकार बनेगी और कार्यकर्ता उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित हैं। भविष्य में प्रधानमंत्री पद की संभावना का भी उन्होंने उल्लेख किया।

पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन पर जोर देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता सरकार को अस्वीकार कर चुकी है और वोट के अवसर का इंतजार कर रही है।

मुख्यमंत्री के जापान दौरे पर तंज कसते हुए अखिलेश ने इलेक्ट्रॉनिक डॉग और नई तकनीकों का जिक्र किया। एआई और आधुनिक तकनीक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नई समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल जरूरी है। उन्होंने कहा, “हम लोग धोखा खा रहे हैं।”

धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने गीता, गुरु नानक और शंकराचार्य से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने संगम किनारे धरने और गंगा स्नान से रोकने के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार पर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया। “अपमान के समय कहां थे लोग?” सवाल उठाते हुए उन्होंने सनातन व्यवस्था के सम्मान की बात की।

उन्होंने 20 साल पुराने मामले में जेल भेजने के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा, “मुझे जेल भेज देना चाहिए था।” रामभद्राचार्य से जुड़ी टिप्पणी और 420 के मुकदमे को वापस लेने के मुद्दे पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि यह विचारों की लड़ाई है, न कि “घटिया हरकत” की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दिनकर की पंक्तियां रटते हैं और महाभारत व ‘रश्मिरथी’ का संदर्भ दिया। जाति की राजनीति पर हमला करते हुए कहा कि “सीएम जमीन से उड़ गए हैं।” डिप्टी सीएम को खुला ऑफर देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे 100 विधायक लेकर आएं तो मुख्यमंत्री बन सकते हैं, यह प्रस्ताव एक सप्ताह के लिए है।

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