प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में ‘बालवाटिका नवारंभ उत्सव’ को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस पहल के तहत प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए विद्यालयों, अभिभावकों और समुदाय के बीच समन्वय को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अनुसार 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का व्यापक चिह्नांकन किया गया है और उनके अभिभावकों से सतत संवाद स्थापित किया जा रहा है। शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर बालवाटिका के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिससे समुदाय की भागीदारी में वृद्धि दर्ज की गई है।
विद्यालयों में बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। कक्षाओं में लर्निंग कॉर्नर, प्रिंट-समृद्ध माहौल और शिक्षण सामग्री विकसित की गई है, जिससे सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सके। इसके साथ ही वंडरबॉक्स जैसे संसाधनों का उपयोग भी किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार बालवाटिका नवारंभ उत्सव के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा रही है। वही महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा, “यह पहल बच्चों के समग्र विकास और सीखने की क्षमता को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
25 मार्च को आयोजित होने वाले उत्सव के लिए बच्चों द्वारा तैयार निमंत्रण पत्र अभिभावकों और समुदाय के लोगों को वितरित किए जा रहे हैं।
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