बाराबंकी में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बाराबंकी शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि महाराष्ट्र के पुणे में बैठे कथित मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी गई है। जांच में अब तक 16 बैंक खातों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
शिकायत के बाद खुला मामला: शहर कोतवाली क्षेत्र के गोकुलपुर सैनी गांव निवासी चंद्रदीप की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि लक्ष्मण पुरी कॉलोनी निवासी वैभव सिंह, देवा के मजीबपुर निवासी आलोक शर्मा और सतरिख क्षेत्र के करखा निवासी अभिषेक कुमार ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाया। इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
संदिग्ध लेनदेन से हुआ खुलासा: कुछ समय बाद खाते में संदिग्ध लेनदेन शुरू होने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी युवकों ने लालच देकर कई लोगों के बैंक खाते खुलवाए और उनमें फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर दिए।
म्यूल अकाउंट के रूप में होता था इस्तेमाल: पुलिस के अनुसार, इन खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में साइबर अपराधियों को सौंपा जाता था, जिनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह महाराष्ट्र के पुणे में बैठे एक व्यक्ति से टेलीग्राम के माध्यम से जुड़ा था। प्रत्येक खाते के बदले युवकों को करीब 15 हजार रुपये दिए जाते थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच: शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही, पूरे नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें महाराष्ट्र में सक्रिय कर दी गई हैं।
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